कमजोरी के कारण उत्पन्न रोगों का होमियोपैथिक इलाज।

  • अंग – संचालन में अक्षमता ( चलने में ) , बंद आँखों के साथ या अंधेरे में चलने में असमर्थता , आँखें बंद करने पर गिर जाना— एलुमिना -30 दिन में दो बार
  • अंग – संचालन में अक्षमता , अनिश्चितता के साथ चलना , रास्ते में कुछ भी आने पर लड़खड़ाना- एगेरिकस मस्केरियस -30 दिन में दो बार
  • शक्तिहीनता , मल सख्त न होने के बावजूद मल त्याग में अत्यंत कठिनाई होती है , मूत्र विसर्जन धीरे – धीरे होता है- हिपार सल्फ्यूरिस -200 की सप्ताह में एक खुराक
  • लगातार वजन घटते जाना- बेसीलिनम 200 दो सप्ताह में एक बार
  • सहवास के बाद साँस लेने में कठिनाई- एसफोटिडा -6 दिन में दो बार
  • कमजोरी ( सामान्य ) , गरम मौसम में लंबी बीमारी के बाद , अत्यधिक यौन सक्रियता के कारण , मानसिक तथा शारीरिक मेहनत के कारण , लेटने और सोने की इच्छा , चलने पर टाँगों में कमजोरी महसूस होना सेलिनियम 30 दिन में तीन बार
  • कमजोरी अत्यधिक , जीवनी द्रव के अभाव के कारण , गंभीर बीमारियों के बाद या बिना किसी कारण के , थोड़ा भी चलने – फिरने पर पसीना छूटना , लेटने की इच्छा सोरिनम 200 की एक खुराक
  • तंत्रिका संबंधी तथा मानसिक कमजोरी , बुरी आदतों के कारण- फ्लोरिक एसिड -6 हर चार घंटे पर
  • कमजोरी , गंभीर रोगों से जूझने के बाद- फॉस्फोरिक एसिड -12 दिन में दो बार
  • कमजोरी , लू के दुष्प्रभावों के कारण , गरमियों में बार – बार सिरदर्द- नेट्रम कार्बोनिकम 30 सुबह – शाम
  • कमजोरी , जीवनी द्रवों के अभाव के कारण , रक्तस्त्राव , थकानेवाला डायरिया , गंभीर मलेरिया- सिंकोना ( सीना ) – 30 दिन में तीन बार लें ।
  • अच्छी तरह खाने के बाद भी भूख महसूस होना- केसकारा – क्यू दो से पाँच बूँदें , दिन में दो बार
  • अच्छी तरह खाने के बावजूद कमजोर होते जाना— बेसिलिनम 200 की एक खुराक रोजाना ।
  • लगातार कमजोरी , खासकर निचले अंगों में आर्जेंटम नाइट्रिकम -30 दिन में दो बार
  • अधिक कमजोरी , अच्छी तरह खाने के बावजूद शरीर कमजोर होना- ट्यूबरकुलिनम 200 सप्ताह में एक बार
  • कमजोरी , अच्छी तरह खाने के बाद भी वजन घटना- एब्रोटेनम -30 दिन में दो बार
  • थकान तथा व्याकुलता , अधिक अध्ययन के कारण नेट्रम कार्बोनिकम 30 की एक खुराक प्रतिदिन
  • थकान , रात में जगने से – नक्स वोमिका 6 दिन में तीन बार
  • थकान , शारीरिक या मानसिक कार्य अधिक करने से या कम सोने के कारण – क्यूप्रम मेटेलिकम 30 दिन में दो बार
  • अधिक कमजोरी , अंदर से काँपना- सल्फ्यूरिक एसिड -30 दिन में दो बार
  • हाथ – पैर ठंडे , अनियमित नाड़ी गति तथा साँस – क्रेटीजस ऑक्सी- 30 दिन में तीन बार
  • किसी प्रकार का दर्द , मानसिक या शारीरिक परिश्रम के कारण- एथुजा -200 की एक खुराक प्रतिदिन
  • थॉयराइड ग्रंथि में सूजन , उसका बढ़ना , छूने और दबाव के प्रति संवेदनशील- काली आयोडेटम -30 दिन में तीन बार
  • थकान का एहसास और पूरे शरीर में दर्द , खासकर पैरों में अत्यंत बेचैनी- मैग्नीशिया कार्ब 30 की एक खुराक , पर जल्दी – जल्दी न दुहराएँ ।
  • थकान का एहसास , पूरे शरीर में दिमाग की कमजोरी , उदासीनता , इच्छा शक्ति का अभाव , लेटने की इच्छा , पैरों में अत्यंत भारीपन , जमीन से उसे उठाने में असमर्थ , पीठदर्द , उसके निचले हिस्से में थोड़ी जलन पिकरिक एसिड -6 दिन में दो बार
  • थोड़ी सी भी मेहनत करने पर थक जाना – नक्स मास्केटा 30 की एक खुराक रोजाना
  • थकान और चक्कर आना , थोड़ी सी भी मानसिक थकान से – आर्जेंटम मेटलिकम 30 की एक खुराक प्रतिदिन ।
  • थोड़ा चलने और शारीरिक मेहनत के कारण थकान – सीपिया 30 दिन में तीन बार
  • थोड़ा भी चलने पर थकान का एहसास कार्बो वेजीटेबिलिस -200 की एक खुराक प्रतिदिन ।
  • सामान्य थकान , मानसिक कार्य करने में असमर्थ , सोचने में कठिनाई- पिकरिक एसिड -6 दिन में तीन बार
  • किसी प्रकार की थकान – स्टेरकुलिया क्यू की दो से पाँच बूँदें रोजाना लें ।
  • हलकी सी मेहनत से भी थकान , अधिक पसीना आना , निरंतर सिरदर्द , थकान के साथ हृदय का धड़कना , पसीने में खट्टी गंध , वसायुक्त और भारी शरीर , जल्दी मासिकस्राव होना , हाथ – पैर ठंडे , मसालेदार और तला हुआ भोजन पसंद करना , हमेशा चिंतित और आशंकित रहना- कैल्केरिया कार्ब -30 दिन में दो बार
  • थकान , सीढ़ियाँ उतरते समय- स्टेनम -6 की एक खुराक रोजाना ।
  • कमजोरी के लिए टॉनिक , गंभीर रोग से पीड़ित होने के बाद , स्नायविक कमजोरी , ठंड के प्रति संवेदनशील , चलने से कमजोरी महसूस होना- साइनिनम आर्सेनिकम -6 दिन में तीन बार
  • कमजोर स्मरणशक्ति – एसिड फॉस्फोरिकम 30 सुबह में रोजाना एक खुराक
  • कमजोर स्मरणशक्ति – एनाकार्डियम -3 एक्स दिन में दो बार
  • कमजोरी और दस्त , वृद्ध व्यक्तियों को नाइट्रिक एसिड -30 की एक खुराक रोजाना
  • महिलाओं को कमजोरी में एलेट्रिस फेरिनोसा – क्यू पाँच बूँदें , सुबह – शाम लें ।
  • कलाई की कमजोरी , इसलिए पियानो या हारमोनियम नहीं बजा सकते , लिख नहीं सकते और उँगलियों की गतिविधियों को समन्वित नहीं कर सकते- प्लंबम मेटलिकम 30 हर छह घंटे पर
  • कमजोरी या शक्तिहीनता , काँपना , मूर्च्छा , दाई ओर का पक्षाघात , जो धीरे – धीरे आता है- कॉस्टिकम -200 की एक खुराक प्रतिदिन ।
  • क्लोरोफॉर्म के प्रयोग के बाद कमजोरी – एसिटिक एसिड 30 दिन में तीन बार
  • मासिक धर्म के दौरान कमजोरी , खासकर उँगलियों की- कोकुलस इंडिकस -30 दिन में दो बार
  • सुबह बिस्तर से उठने के बाद काफी कमजोरी महसूस करना – साइफिलिनम 1 एम की एक खुराक
  • थकान , मांसपेशियों और कंडराओं के तनाव से कैल्केरिया सल्फ -30 दिन में तीन बार

tonic – होम्योपैथी में स्वास्थ वर्धक टॉनिक । Homeopathic Health Tonic

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