पशुओं में टोक्सोप्लाज्मोसिस (TOXOPLASMOSIS) का लक्षण एवं होम्योपैथीक उपचार

टोक्सोप्लाज्मोसिस (TOXOPLASMOSIS) क्या है ?

टोक्सोप्लाज्मोसिस एक परजीवी के कारण होने वाला संक्रमण है। इस परजीवी को टोक्सोप्लाज्मा गोंडी कहा जाता है|

टोक्सोप्लाज्मोसिस (TOXOPLASMOSIS) का लक्षण क्या है ?

टोक्सोप्लाज्मोसिस का शायद ही कभी निदान या रिपोर्ट किया जाता है क्योंकि स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली वाले अधिकांश रोगियों में रोग के कोई लक्षण या लक्षण नहीं होते हैं। टोक्सोप्लाज्मोसिस के कुछ अल्पकालिक प्रभावों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, नर्वस सिस्टम, पैरालाइसिस, सुजन लिम्फ नोड्स और थकान शामिल हो सकते हैं।

टोक्सोप्लाज्मोसिस (TOXOPLASMOSIS) का होम्योपैथीक उपचार क्या है?

  • एकोनाइट ( Aconite ) – रोग की शुरूआत में फीवर हो तो हर आधा घंटे बाद पांच डोज दें ।
  • लेथिरस सेटाइवा ( Lathyrus Sat. ) – जब नर्वस सिस्टम के लक्षण प्रकट हो , पैरालाइसिस जैसी स्थिति हो , ऐटेक्सिया ( ataxia ) हो तो दिन में तीन बार दो दिन तक फिर दिन में एक बार तीन दिन तक दें ।
  • स्ट्रेमोनियम ( Stramonium ) – जब शरीर के विशेष भाग में मांसपेशियों में अकड़न से झटके हो , ऐंठन हो तो दिन में दो बार एक सप्ताह तक दें ।
  • क्युप्रम 1M ( Cuprum 1M ) – शरीर की मांसपेशियों में अकड़न , कठोरता तथा झटके लगते हों तो दिन में एक बार एक सप्ताह तक दें ।
  • कोनियम ( Conium ) – जब अधिक कमजोरी हो , पैरों में लड़खड़ाहट हो तो दिन में तीन बार एक सप्ताह तक दें ।
  • स्ट्रिकनिन ( Strychnine ) – कोरिया ( chorea ) की तरह लक्षण प्रकट होने पर यह दवा असरदार है । इसे दिन में दो बार एक सप्ताह तक दें ।

गाय, भैंस के थानों से दूध नहीं आना ( AGALACTIA ) का होम्योपैथिक दवा

थैलेरिओसिस ( THEILERIOSIS ) का कारण, लक्षण एवं उपचार

Leave a Reply

Your email address will not be published.