सुबह जगते ही भूमिवंदना क्यों करते हैं ?

प्रातः काल बिस्तर से उतरने के पहले यानी पृथ्वी पर पैर रखने से पूर्व पृथ्वी माता का अभिवादन करना चाहिए , क्योंकि हमारे पूर्वजों ने इसका विधान बनाकर इसे धार्मिक रूप इसलिए दिया , ताकि हम धरती माता के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट कर सकें । वेदों ने पृथ्वी को मां कहकर वंदना की है…

प्रातः जगते ही हथेलियों के दर्शन क्यों करते हैं ?

शास्त्रों में प्रातः काल जगते ही बिस्तर पर सबसे पहले दोनों हाथों की हथेलियों ( करतल ) के दर्शन करने का विधान बताया गया है । दर्शन के दौरान निम्न श्लोक का उच्चारण करना चाहिए – कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती । करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम् ॥ अर्थात् हथेलियों के अग्र भाग में भगवती…

कमजोरी के कारण उत्पन्न रोगों का होमियोपैथिक इलाज।

अंग – संचालन में अक्षमता ( चलने में ) , बंद आँखों के साथ या अंधेरे में चलने में असमर्थता , आँखें बंद करने पर गिर जाना— एलुमिना -30 दिन में दो बार अंग – संचालन में अक्षमता , अनिश्चितता के साथ चलना , रास्ते में कुछ भी आने पर लड़खड़ाना- एगेरिकस मस्केरियस -30 दिन…

खसरा और चेचक का होम्योपैथिक उपचार।

खसरा ( रोग – निरोधी ) – मॉरबिलिनम 30 की एक खुराक रोजाना दें । खसरा ( रोग – निरोधी ) – पल्सेटिला 30 सुबह और एकोनाइट 30 शाम के समय आठ – दस दिनों तक खाएँ । खसरा और लाल बुखार , जब फोड़े नहीं होते , चेहरा ठंडा और नीला , लेकिन बच्चा…

भस्मक रोग यानी over eating की लिए प्राकृतिक चिकित्सा जानिये ।

भस्मक रोग यानी ओवरईटिंग एक ऐसा रोग होता है , जिसमे रोगी जितना भी खाद्य पदार्थ खा ले परंतु , उसे हर समय भूख ही लगती रहती है । भस्मक रोग के लक्षण : – इस रोग में रोगी को बहुत ही अधिक भूख लगती है , इसी के साथ वह थोड़ी थोड़ी देर बाद…

आंखों की सुरक्षा या आंख पर से चश्मा उतारने के उपाय

अगर आपके द्वारा नीचे दिए गए उपाय नियमित तौर पर किए जाते है , तो आपकी आंख पर से चश्मा उतर सकता है , परंतु इन सब नियम का पालन करना बहुत ही जरूरी होता है , इसके पश्चात ही अपनी आंखों की सुरक्षा कुछ हद तक कर सकते है । लिए सबसे पहले आधा…

टखनों की सूजन तथा दर्द का उपचार ।

परिचय-इस रोग में टखनों पर सूजन आ जाती है जिसके कारण अंगूठा दुसरी अंगुलियों पर चढ़ जाता हैं। कारण :-इस रोग के होने का कारण, गलत साइज का जूता पहनना जिसके कारण पैर पर दबाव या घर्षण होता है जिसकी वजह से यह रोग हो जाता है। लक्षण :- इस रोग के होने पर अंगूठे…

हाइड्रोसिल का होम्योपैथिक उपचार । Homeopathy treatment of HYDROCELE

परिचय :-किसी कारण से अंडकोष में पानी जमा हो जाने से अंडकोष की थैली फूल जाती है जिसे हाइड्रोसिल कहते हैं। इस रोग का एक सामान्य लक्षण यह है कि पूर्णिमा व एकादशी के दिनों में यह बढ़ जाता है अर्थात अंडकोष अधिक फुल जाता है और अन्य दिनों में कम रहता है। जब अंडकोष…

नाखूना (अंगुलबेढ़ा) का होमियोपैथिक उपचार उपचार। Homeopathic medicine for whitlow

परिचय- जब यह रोग हो जाता है तो इसके कारण से हाथ की अंगुली या अंगूठे के नख के पास का भाग पक जाता है और अधिक परेशानी होती है। जब यह स्थान पकने लगता है तब रोगी को बहुत अधिक कष्ट होता है। धीरे-धीरे पकते-पकते यह फूट जाता है और अगर नहीं फूटता है…

बच्चों के गले में जख्म का होम्योपैथिक उपचार । Homeopathic Treatment For Sore Throat

पाकाशय की गड़बड़ी और खान – पान के दोष से मुँह की तरह अनेक बार बच्चों के गलेमें भी जख्म हो जाया करते हैं । इससे बच्चों को दूध पीने में कष्ट होता है । वे बड़ी उत्सुकता के साथ माता का स्तन पीने लगते हैं , परन्तु ज्यों ही दूध को गलेके नीचे उतारने…