बच्चों का आँख उठने का होम्योपैथिक उपचार । Homeopathic Treatment For Opthalmia

बच्चों की आँख में धुआँ , तेज रोशनी , हवा का झोंका और सरदी आदि लगने के कारण उनकी आँखें उठ आती हैं । अनेक बार पहले उनकी आँखों के पपटों में ही प्रदाह पैदा होता है , परन्तु इसके इलाज में विलम्ब करने से रोग समूची आँखों में फैल जाता है और बच्चों को…

ब्रह्मातालुका न भरने का होम्योपैथिक चिकित्सा । Homeopathic Treatment For Open Fontanelles of Children

जन्म के समय बच्चों की खोपड़ी या चाँद का कुछ भाग जो ब्रह्मतालु कहलाता है , अपरिपुष्ट या पिलपिला होता है । साधारणतः छः महीने में यह भर जाता है और खोपड़ी के अन्यान्य स्थानों की तरह वहाँ का स्थान भी कड़ा हो जाता है । यदि इतने समय में ब्रह्मतालु परिपुष्ट न हो तो…

सिर दर्द का लक्षण तथा होम्योपैथिक उपचार । Treatment of Headache

सिर दर्द के बहुत से कारण हो सकते हैं- बदहजमी , कब्ज , गर्मी या धुप में काम करना , सर्दी – जुकाम , मानसिक तनाव , धुम्रपान , नाव या गाड़ी में सवारी करना , आँखों से अधिक काम लेना , पढना – लिखना आदि | इसे पढ़ें – सूर्योदय से सूर्यास्त तक हमारी…

साइनस का होम्योपैथिक उपचार । Treatment of Sinus

साइनस का अर्थ है ‘ खाली जगह ‘ या ‘ खोल ‘ । माथे में गाल के ऊपर की हड्डी में एक खाली जगह छेद के समान है जिसे फ्रंटल साइनस ( Frontal Sinus ) कहते हैं | गालों पर दोनों तरफ उभरती हुई दो हड्डियां हैं जो भीतर के खाली जगह के द्वारा माथे…

बच्चों द्वारा बिस्तर पर पेशाब करने की होम्योपैथिक दवा । Homeopathic medicine for Bedwetting

अक्सर कई लोगों को यह कहते सुना जाता है कि मेरा बच्चा सोते समय बिस्तर में पेशाब कर देता है । बच्चों द्वारा रात में सोते समय पेशाब करने की बीमारी को ‘ इन्यूरिसिस ‘ कहते है । इसे आम तौर पर बिस्तर भिगोना ( Bed Wetting ) कहा जाता है । इसमें बच्चे रात…

पशुओं में ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण (यूआरटीआई) का उपचार । TREATMENT OF UPPER RESPIRATORY TRACT INFECTION ( U.R.T.I. )

LARYNGITIS , TRECHITIS AND BRONCHITIS रेस्पिरेटरी सिस्टम के ऊपरी भाग में इन्फ्लामेशन हो जाना , जिससे खांसी होती है तथा सांस में गर्र – गर्र की आवाज होती है । इसे पढ़ें– पालतु पशुओं के युरेथ्रा , ब्लेडर और किडनी में सूजन का कारण एवम् उपचार । TREATMENT OF BOVINE PYELONEPHRITIS ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण…

फंगल मेस्टाइटिस का लक्षण तथा उपचार । TREATMENT OF FUNGAL MASTITIS

हालांकि मेस्टाइटिस मुख्य रूप से बैक्टीरिया से होती है लेकिन भारत में गायों व भैंसों में फंगस के द्वारा भी मेस्टाइटिस कभी – कभी होती है । भारत में लगभग हर राज्य के गाय , भैंस व बकरियों में यह बीमारी होती है । प्रायः यह देखा गया है कि इन पशुओं में जब फंगल…

स्पाइनल कॉर्ड इंजरी ”पैराप्लेजिया” का उपचार । TREATMENT OF SPINAL CORD INJURY

प्रायः पशुओं के सिर पर मनुष्य द्वारा लकड़ी से मारने , पशु के फिसलने , गिरने , पशु शरीर पर कोई भारी चीज गिर जाने से स्पाइनल चोट होती है । इससे आंशिक या पूरी तरह से पैरालाइसिस हो जाता है । और पढ़ें – पशुओं के शरीर के जोड़ो में सूजन के साथ दर्द…

बोटुलिज्म का उपचार । TREATMENT OF BOTULISM

अन्य नाम – Limber neck , Lion disease यह एक जानलेवा पक्षाघात ( toxaemic paralytic ) रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम बाँचुलिनम नामक बैक्टीरिया के टॉक्सिन का पशु द्वारा अनजाने में आहार के साथ खा जाने से होता है । यह उन पशुओं में अधिक होता है जिन्हें पौष्टिक आहार नहीं मिलता है , पाइका से…

TREATMENT OF CONTAGIOUS BOVINE PLEUROPNEUMONIA ( C.B.P.P. )

Synonyms- CBPP , Lung plague , Lung sickness . सी.बी.पी.पी. गायों में पाया जाने वाला एक अत्यधिक संक्रामक रोग है , जिसमें फेफड़े व फेफडे को घेरे रहने वाली झिल्ली प्लुरा प्रभावित होती है यह आस्ट्रेलिया , युरोप , अफ्रिका व न्युजीलैण्ड में अधिक पाया जाता है । भारत में यह रोग पूर्वी राज्य असम…