दही कब खाए , दही कब ना खाए , कैसे खाए कब उचित नही ।

दही स्वभाव में गर्म होती है , यह पाचक अग्नि को बढ़ाने वाली , शरीर में स्निगंधता ( चिकनापन ) पैदा करने वाली , कषाय रस युक्त , पचने में भारी है , पचने पर अम्ल रस युक्त है । ग्राही यानि मल को बांधने वाली , पित्त , रक्त विकार , शोथ यानि सूजन…