पशुओं के चोट , मोंच , मरोड़ ( SPRAIN , STRAIN ) का होम्योपैथिक उपचार ।

कई प्रकार की चोट से मसल्स , टेन्डन या लिगामेन्ट में सूजन आ जाती है जिससे दर्द भी होता है । जिससे चाल में लंगड़ापन आ जाता है । ऐसी अवस्था में पशु को पूरी तरह आराम देना जरूरी है । चोट , मरोड़ होने पर वह भाग लाल , दर्दयुक्त तथा वहां सूजन हो जाती है इसलिए इसी के अनुरूप दवा का चयन किया जाता है ।

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  • अर्निका ( Arnica ) – यदि सूजन नहीं होती है तो दिन में 3-4 बार एकोनाइट दें । यदि चोट , मोंच के स्थान पर दर्द हो तथा बुखार हो तो अर्निका के साथ एक के बाद दूसरी एकोनाइट दें । यदि सूजन हो तो ठंडे पानी या बर्फ का सेंक कर अर्निका का लोशन लगाएं ।
  • रस टॉक्स ( Rhus Tox ) – यदि चोट गंभीर हो तथा अर्निका देने से दर्द व सूजन की लालिमा कम हो गई हो लेकिन सूजन बरकरार हो , रस टॉक्स दें । इसको अर्निका के साथ भी दे सकते हैं | रस टॉक्स को मुंह से देने के अलावा चोट ग्रस्त या मोंच ग्रस्त जगह पर इसके मदर टिंचर को पानी से पतला कर दिन में दो बार लगाएं ।
  • सिम्फाइटम ( Symphytum ) – यदि टेंडन व लिगामेन्ट की गंभीर चोट हो तो उसमें यह उपयोगी है । इसके अलावा फ्रेक्चर में भी यह काफी लाभदायक है । सिम्फाइटम टूटी हुई हड्डी को जल्दी जोड़ने में मदद करता है ।

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