पशुओं के कान से पीब बहना (ओटाइटिस) का कारण एवं उपचार । Treatment of OTITIS in Hindi

ओटाइटिस (OTITIS) किसे कहते हैं ?

कान के बाहरी या अंदर की टेढ़ी ear canal में सूजन होने को ओटाइटिस कहते हैं ।

Otitis externa – inflammation of the external ear ( भैंस , गाय , ऊंट )

Otitis media – inflammation of the middle ear ( बछड़े , मेमने )

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ओटाइटिस (OTITIS) क्यों होता है।

यह मुख्य रुप से कुत्तों में अधिक पाया जाता है लेकिन गाय – भैंसों में भी और विशेषकर भैंसों में otitis externa यानी कान के बाहरी भाग में सूजन अक्सर पायी जाती है । ऊंटों में भी यह स्थिति पायी जाती है । प्रायः भैंसे तालाबों व पोखरों के पानी में अधिकतर देर तक बैठी रहती है इससे कान में नमी ( humidity ) बढ़ जाती है जिसके कारण कान में बैक्टीरियल इन्फेक्शन की संभावना भी बढ़ जाती है । कुत्तों में डिस्टेम्पर के बाद कान में मवाद पड़ने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है ।

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ओटाइटिस (OTITIS) रोग का कारण क्या है।

  • Bacterial – Pseudomonas aerugenusa

– Corynebacterium pyogenes

– Streptococcus , Stephylococcus

– Proteus mirabilis

– Escherichia coli .

  • Fungal ( Otomycosis ) – फंगस भी ओटाइटिस का एक कारण है ।
  • Ear mites ( manze ) e.g. Psoroptes spp . गाय – भैंस में ओटाइटिस । वैसे भैंसों में मुख्य रुप से Otitis externa ही पाया जाता है । लेकिन बाहरी कान या फेरिक्स से इन्फेक्शन कान में अंदर प्रवेश करने से Otitis media हो जाता है ।

ओटाइटिस (OTITIS) का लक्षण क्या हैं ।

  • Otitis externa Otorrhoea- कान से चिकना बदबूदार भूरा मैल या मवाद निकलना ।
  • दर्द व सूजन के कारण पशु बार – बार कान को हिलाता है कान में इरिटेशन होता है तथा जिस कान में इन्फेक्शन होता है उधर सिर को टेढ़ा कर झुकाए रखता है ।
  • सिर हिलाने के साथ पशु कान को बार – बार रगड़ता है ।
  • हल्के इन्फेक्शन में तो कोई विशेष फर्क नहीं पड़ता है लेकिन गंभीर इन्फेक्शन में भैंस खाना कम कर देती है तथा दूध उत्पादन भी कम हो जाता है ।
  • इन्फेक्शन के बाद थोड़े दिनों तक तो कान के आधार के आकार में कोई बदलाव नहीं आता है लेकिन अधिक दिन हो जाने पर कान के आधार में सूजन आती है ।
  • इन्फेक्शन के कारण एक साथ एक या दोनों कान प्रभावित हो सकते हैं ।
  • Otitis media – गाय – भैंस प्रभावित कान की ओर सिर टेढ़ा कर झुकाए तो रखती है साथ ही गोल घेरे में भी चलना हो सकता है ।
  • कभी – कभी प्रभावित कान की ओर फेसियल पेरालाइसिस भी हो सकता है ।

कान से पीब बहना (ओटाइटिस) का उपचार । Treatments of (otitis)

  • कान के बाहरी भाग को अच्छी तरह साफ करें फिर ear canal में 2 % हाईड्रोजन पर आक्साइड ( H2O2) घोल या 0.5 % Cetrimide solu . से कान को साफ करें । इसके लिए सीरिंज में के आगे नोजल पर रबर की पतली टयूब लगाकर H2O2 , हल्के ढंगे से कान में पुश करें , फिर इसे थोड़ी देर अंदर रखने बाद कान की सफाई करें । इस दौरान ध्यान रखें कि कान में कोई नुकीला इन्स्ट्रमेंट गहराई तक नहीं डालें । कान की सफाई हल्के ढंग से करें , इस दौरान एनिमल को दर्द होता है ।
  • एंटीबायोटिक कान की सफाई से पहले local anaesthetic का प्रयोग कर सकते हैं ।
  • एंटीबायोटिक कान के डिस्चार्ज की जांच कर उपयुक्त एंटीबायोटिक इअर ड्रोप तथा वही एंटीबायोटिक ।/M या I/V पांच दिन तक दें ।
  • कान के इन्फेक्शन में 1 % Idodised glycerine डालने से भी काफी लाभ होता हैं ।
  • Chronic Otorrhoea यदि मेडिसिनल ट्रीटमेंट से कान में मवाद बनना बंद नहीं हो तो ऑपरेशन किया जाता है । कुत्तों की तरह इस ऑपरेशन से मवाद बाहर निकलना का रास्ता बनाया जाता है ।

कान से पीब बहना (ओटाइटिस) का होम्योपैथीक उपचार । Homeopathic Treatments of (otitis)

  • एकोनाइट ( Aconite ) – रोग की शुरूआती अवस्था में दिन में चार बार दें ।
  • बेलाडोना ( Belladonna ) – यदि कानों में सूजन , लालिमा , गर्म हो तो दिन में तीन बार दें ।
  • हिपर सल्फ ( Hepar Sulph ) – जब कान से मवाद बहती हो तो दिन में दो बार एक सप्ताह तक दें ।
  • काली बायक ( Kali bich ) – कान से चिपचिपा डिस्चार्ज निकलें तो दिन में दो बार पांच दिन तक दें ।
  • प्लास्टीला ( Pulsatilla ) – जब कान में से शहद जैसा गाढ़ा , चिपचिपा डिस्चार्ज निकलता हो , बदबू आती हो तो दिन में दो बार पन्द्रह दिन तक दें ।
  • साइलिसिया ( Silicea ) – जब कान के अंदर सड़न हो , तेज बदबू आती हो तो साइलिसिया दें ।
  • कैल्केरिया सल्फ ( Calc . sulph ) – जब गाढी , ब्लड मिली हुई मवाद निकलती हो तो दें ।
  • नाइट्रिक एसिड ( Nitric Acid ) – कान से पीला डिस्चार्ज तथा साथ में आंखों से आंसू गिरते हों तो दें ।
  • काली आयोडायड ( Kali lod . ) – जब हरी , पीली , गाढी मवाद अधिक मात्रा में निकलती हो तो दिन में तीन बार पन्द्रह दिन तक दें ।

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