मेनिन्जाइटिस ( MENINGITIS ) का कारण , लक्षण तथा उपचार ।

Meningitis – It is an inflammation of meninges .

ब्रेन के ऊपर की झिल्लियों को meninges कहते हैं । इनमें इन्फ्लामेशन होने से रोगी को तेज बुखार आता है मांसपेशियों में कठोरता व तनाव आ जाता है , वैसे यह मुख्य रुप से मनुष्य का रोग है ।

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मेनिन्जाइटिस का कारण क्या है । ETIOLOGY OF MENINGITIS

  • गाय – भैंस के बछड़ों व घोड़े व घोड़ियों में यह अंबलिकस से होने वाले इन्फेक्शन के कारण होता है । इसके अलावा गलत तरीके से की गई इलेक्ट्रिक डिहॉर्निग से भी बछड़ों में मेनिन्जाइटिस हो सकता है ।
  • बड़े गाय , बैल , भैंस में डिहॉर्निंग के बाद साइनुसाइटिस से हो जाता है । कई बार पशुपालक गाय , बैल में सींग के टूट जाने पर उसे खुला ही रखते हैं इससे साइनसाइटिस और मेनिन्जाइटिस हो सकता है ।
  • सिर के किसी तेज घाव के इन्फेक्शन के कारण ।
  • मेनिन्जाइटिस और इन्सेफेलाइटिस का काफी संबंध होता है , अतः किसी बैक्टीरियल या वाइरल इन्फेक्शन से भी मेनिन्जाइटिस हो सकती है ।

Viral – Bovine malignant Catarrh , Bovine encephalomyelitis . Bacterial – Streptococcus equi , Pasturella hemolytica .

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मेनिन्जाइटिस के लक्षण क्या है। SYMPTOMS OF MENINGITIS

  • एकाएक तेज फीवर से टेम्प्रेचर 104-106 ° फा . तक पहुंच जाता है ।
  • गर्दन व कमर की मांसपेशियों में अकड़न या ऐंठन आ जाती है ।
  • पशु पागल सा व्यवहार करता है । शुरु में ऐंठन होती है लेकिन बाद में पशु शांत होकर कॉमा में आ जाता है ।
  • चलते समय लड़खड़ाता है तथा सिर को दीवार पर रखकर दबाता है ।
  • पशु एक ही दिशा में गोल चक्कर लगाता है । ( circling )
  • बछड़े व मेमने खड़े नहीं हो पाते हैं तथा दूध भी नहीं पी पाते हैं ।
  • कुत्तों में तेज बुखार , उत्तेजना , अकड़न के साथ सिर दबाने पर दर्द होता है ।
  • रोग के लक्षण 2-10 दिन तक रहते हैं तथा इलाज नहीं होने पर मौत हो जाती है । यदि मौत न हो तो पैरालाइसिस हो जाता है ।
  • meninge झिल्ली के जिस भाग में इन्फ्लामेशन अधिक होती है यानी अधिक प्रभावित होता है उस भाग से संबंधित अंग का पैरालाइसिस होता है । कई बार पशु अंधा हो जाता है |

मेनिन्जाइटिस का उपचार । TREATMENT OF MENINGITIS

  • मेनिन्जाइटिस व नर्वस सिस्टम के अन्य रोगों में सल्फाडायजिन ही सबसे अधिक प्रभावी मानी जाती है यही उपयुक्त दवा है ।

– सल्फा ड्रग्स 5-7 दिन तक देनी चाहिए ।

– ऊंटों में सल्फा एंटीबायोटिक्स से एलर्जी होती है इसलिए साथ में एंटीएलर्जिक इंजेक्शन का प्रयोग करें ।

  • Inj . Chloramphenicol

– Cattle – 500ml , I / M for 5-7days .

  • ब्रेन व स्पाइनल कोर्ड में जल्दी असर प्राप्त करने के लिए सीधे ही इनमें इंजेक्शन लगाए जा सकते हैं जिसे Intrathecal injection कहते हैं । यह ब्रेन के एटलस वाले भाग पर लगाए जाते हैं ।
  • मांसपेशियों में ऐंठन ( spasm ) , convulsions कम करने के लिए Phenobarbitone या अन्य muscle relaxant दिया जाना चाहिए ।
  • Inj . Dexamithasone .
  • Supportive treatment .

– Inj . Dextrose , I / V . Inj , Mannitol 100-300ml . I / V .

– Inj . Mag Sulply . ( 10-20 % ) 20-100 ml . through rectum .

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