कीलौएड्स (Keloids) क्यों होता है? उसके लक्षण तथा होम्योपैथिक दवा

चोट लगने या ऑपरेशन आदि के निशानों पर , ट्यूमर की तरह के उभार बन जाते हैं -इन्हे कीलौएड्स कहते हैं । कई रोगियों में ये काफी कष्टदायक हो जाते हैं ।

कीलौएड्स (keloids) के लक्षण एवं दवा-

  • जब रोगी में साइकोसिस म्याज्म् सर्वोपरि हो ।– मैडोराइनम २०० या 1M , आवश्यकतानुसार ।
  • कीलौएड्स की बदसूरती के कारण जीने तक का मन न करे , खुदकशी करने के विचार आए ।- ऑरम मैट २०० या 1M , आवश्यकतानुसार।
  • जब कीलौएड्स में गहरी दरारें पड़ने लगें : कब्ज़ रहे । ठंडी प्रकृति के मोटे रोगी जिनकी त्वचा खुश्क हो । – ग्रेफाइट्स ३० या ०/५ , ( और उच्च ) , दिन में ३ बार ।
  • जब रोगी ठंडी प्रकृति का हो ।- साइलिशिया २०० या 1M , आवश्यकतानुसार ।
  • कीलोएड्स के सिरे लाल हो जाएं , खुजली हो ; पसीने से बदबू आए , गर्माहट से कष्ट बढ़ें ।- एसिड पलोर ३० या 200, दिन में 3 बार ।
  • जल जाने या पुरानी चोट आदि के कारण कीलौएड्स , खुश्क मौसम में रोग बढ़े ।- कॉस्टिकम ३० या ० / 3 , ( और उच्च ) , दिन में ३ बार ।
  • कीलौएड्स में दर्द हो , पेशाब बदबूदार हो । -एसिड नाइट्रिक २०० या 1M , आवश्यकतानुसार
  • ऐसे रोगी जिनके परिवार में टी ० बी ० की बीमारी रही हो या जो स्वयं टी ० बी ० के मरीज़ रहे हों ।- ट्यूबरकुलाईनम कोच २०० आवश्यकतानुसार
  • बायोकैमिक औषधि : कैल्केरिया फ्लोर 12 या 30x
  • अन्य महत्वपूर्ण दवाएं : कैल्केरिया कार्ब , कारसिनोसिन , नैट्रम म्यूर , सीषिया , थूजा , थायोसिनेमिनम , आदि

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें (immunity booster things). फोड़े-फुंसी {Boils} जड़ से खत्म. अनचाहे बालों से छुटकारा में होम्योपैथिक के द्वारा

Leave a Reply

Your email address will not be published.