सिर दर्द का लक्षण तथा होम्योपैथिक उपचार । Treatment of Headache

सिर दर्द के बहुत से कारण हो सकते हैं- बदहजमी , कब्ज , गर्मी या धुप में काम करना , सर्दी – जुकाम , मानसिक तनाव , धुम्रपान , नाव या गाड़ी में सवारी करना , आँखों से अधिक काम लेना , पढना – लिखना आदि |

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सिर दर्द का होम्योपैथिक दवा । Homeopathic medicine for Headache

  • सर्दी जुकाम का रोग दबने से सिर दर्द करना , सिर टपकना , दोनों आंखे तथा जबड़े दर्द करते हो तो – एकोनाइट ( Aconite Nap . ) 30 या 6 दिन में 3 – बार ।
  • सूर्योदय के साथ सिरदर्द शुरू हो जाए तथा दोपहर बाद ठीक हो जाए , मितली महसूस हो , दाहिना आंख तथा सिर में दाहिना ओर दर्द हो – सैंगुनेरिया केन ( Sanguinaria can . ) 30 दिन में 3-4 बार ।
  • सिर के आगे वाले भाग में दर्द , गर्दन में दर्द , खांसने , आँखे खोलने पर या हिलने – डुलने पर दर्द बढ़े , कब्ज हो तो – ब्रायोनिया एल्बम ( Bryonia alb . ) 30 या 6 , दिन में 3 बार ।
  • बाएँ ओर का सिर दर्द , दिन बढ़ने के साथ दर्द भी बढ़ता जाए तथा शाम में घट जाए , रौशनी में सिर दर्द स्पाइजिलिया ( Spigelia ) 30 दिन में 3 बार ।
  • रात में 1 बजे नींद आए और सुबह 6 बजे सिर दर्द के साथ नींद खुल जाए , खट्टी उल्टी हो , सिर दर्द के कारण हालत ख़राब हो – आइरिस वी ( Iris ver . ) 30 , दिन में 3 बार ।
  • पढने लिखने से सिरदर्द या स्कूली बच्चों को सिरदर्द हो तो – कैल्केरिया फॉस ( Calc . phos . ) 6X , दिन में 3-4 बार ।
  • सुबह नींद खुलने के बाद सिरदर्द शुरू , स्त्रियों में मासिक के बाद सिरदर्द शुरू , सिरदर्द का रोग बहुत पुराना हो तो – नैट्रम म्यूर ( Natrum mur ) 6X या 30 , दिन में 3-4 बार।
  • सिर दर्द होने के बाद खट्टी उल्टी हो और सिर दर्द कम हो जाये चियोनैन्थस ( Chionanthus ) Q , – 5-10 बूंद , दिन में 3 बार ।
  • हिस्टीरिया ग्रष्त महिला को सिरदर्द , सिर दर्द में लगे जैसे कोई सिर में कील ठोक रहा है ; धुंए से व मानसिक तनाव से रोग बढ़े- इग्नेशिया ( Ignatia ) 30 या 200 , दिन में 3 बार ।
  • गर्दन की ओर एक तरफ दर्द , रोगी सिर दर्द के मारे बेहोश तक हो जाए ; पेट ठीक न रहता हो – नक्स वोमिका ( Nux Vomica ) 30 दिन में 3 बार ।
  • सिर के शिखर में घाव – सा दर्द , रोगी तकिये पर सिर नहीं रखना चाहता , रोगी कुछ भी चबा नहीं सकता , चाय पीने से सिरदर्द , रात में दर्द बहुत बढ़ जाना – थूजा ( Thuja ) 30 या 6 , दिन में 4 बार ।
  • धूप में काम काम करने व लू लगने से सिर दर्द , धूप में दर्द का बढ़ना , गर्मी बर्दाश्त न हो , सिर पर कोई आवरण रहने से तकलीफ हो – ग्लोनॉइन ( Glonoine ) 6 या 30 दिन में 3 बार ।
  • मलेरिया के बाद सिरदर्द , सिरदर्द के साथ केशों को छूने से कष्ट , शरीर से बहुत खून बह जाने या अधिक वीर्यपात की वजह से बहुत कमजोरी व सिर दर्द – चाइना ( China ) 6 या 30 दिन में 3 बार ।
  • दाहिनी भौं या बाईं आँख के नीचे की हड्डी में दर्द | तेल , घी आदि से बनी गरिष्ट चीजें खाने की वजह से सिर दर्द ; प्यास न के बराबर जबकि गला सूखा रहे – पल्साटिला ( Pulsatilla ) 30 दिन में 3 बार ।

सिर दर्द होने पर कुछ समान्य देख रेख ।

सिर में रक्त का थक्का होने से सिरदर्द हो तो ठंडे पानी से सिर को धोना चाहिए | कब्ज न होने दें , हल्का सुपाच्य खाना खाएं |

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