बच्चों को कब्जियत की होम्योपैथिक उपचार। ( Constipation of Infants )

माता पिता को हमेशा कब्जियत रहने से उनके बच्चों को भी यह रोग हो जाया करता है । इसके अतिरिक्त माता का या बच्चे का अनियमित और अयोग्य खानपान , गाय का दूध पीना , यकृत्की खराबी इत्यादि कारणों से भी यह रोग होता है । यदि माता को यह शिकायत हो तो मातका ही इलाज करना चाहिये ।

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बच्चों में कब्जियत की होम्योपैथिक दवा । Homeopathic medicine for Constipation of Infants

  • ब्रायोनिया 30 या 200 ( 2 बुंद दिन में 3 बार ) – मल सूखा और कठिन , यकृत्की खराबी , खायी हुई चीजों का कै द्वारा बाहर निकल जाना , बच्चे के होंठ गरम और सूखे इत्यादि ।
  • नक्सवोमिका ३० या 200 ( 2 बुंद दिन में 3 से 4 बार ) – लम्बा और कड़ा मल , बहुत कष्ट के साथ उसका निकलना , पेट में दर्द , अस्थिरता , बारंबार पाखाने जाना , माता का घी और मसाले की चीजें खाना , इसके कारण बच्चे को कब्जियत ।
  • ओपियम ६ या ३० ( 4 बुंद दिन में 3 बार ) – काले रंगका कड़ा और लेंड़ी जैसा मल , पतले दस्त आने के बाद या किसी प्रकार की दस्तावर दवा खाने के बाद कब्जियत का होना ।
  • एन्टिम क्रूड ६ , 30 या 200 ( दिन में 3 बार )- यह भी इस रोगकी एक अच्छी दवा है । इनके अतिरिक्त एलुमिना , कल्केरिया कार्ब , लाइकोपोडियम , ग्रेफा इटिस , मेग्नेशिया म्यूर , प्लम्बम और सल्फर आदि दवाएँ भी व्यवहार की जा सकती हैं ।

आवश्यक सूचना –

बच्चे को यह दवाएँ खिलाने पर लाभ न हो तो यही दवाएँ माता को खिलानी चाहिये । जरूरत मालूम हो तो गरम पानी की पिचकारी दी जा सकती है , परन्तु उसमें साबुन कभी न मिलाना चाहिये । दस्त लानेवा ली तेज दवाएँ बच्चों को बहुत नुकसान कर सकती हैं ।

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