सर्दी – जुकाम और नजला का कारण, लक्षण एवं उपचार । Home treatment of Cold

जुकाम क्यों होता है ?

सामान्य रूप से ठंड लगने , या ठंडे पानी में चलने – फिरने से नजला – जुकाम हो जाता है । यह एक प्रकार का संक्रामक रोग है । सर्दी का ज्वर या जुकाम ( Fathrral Fever ) ठण्डी हवा लगने , पानी में भीगने , ओस में सोने आदि कारणों में विशेषतः गर्मी – सर्दी के असन्तुलन से यह रोग होता है ।

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जुकाम का लक्षण क्या है ?

जुकाम होने पर बार – बार छींके आती हैं , हल्का बुखार रहता है और नाक से पानी आता है कभी – कभी बलगम भी आता हैं ।

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नजला जुकाम का कुछ सामान्य उपचार :-

  • जुकाम होने से तीन दिन तक कोई औषधी न लेवे अपितु प्राकृतिक उपचार करता रहे ।
  • सूर्य निकलने से पहले ठंडे पानी से नहाना और सिर पर गरम पानी नही डालना चाहिए ।
  • पानी को चार घड़ी धूप में और चार घड़ी ओस में रखकर कर पीना चाहिए ।
  • पीली सरसो का तेल रूई मे लगा कर दोनों नथुनो ने दिमाग को चढ़ावे तो १३ दिन चाहे कैसा ही नजला हो आराम होगा ।

नजला जुकाम का घरेलू उपचार :-

  1. कच्चे लहसुन की 1-2 कलीयाँ चबाकर खायें और पानी पीयें ।
  2. 10 पत्ते पुदिना और 6 दाने कालीमिर्च और 1 चुटकी सेंधा नमक और 10 पत्ते तुलसी इन सबको मिलाकर काढ़ा बनायें तथा आधा पानी रह जाने पर काढ़ा पिलाएं ।
  3. आँवले केरस को शहद में मिलाकर चाटने से काफी आराम मिलता है ।
  4. 4 लाल इलायची +8 लौंग + थोडा सा अदरक तथा 10 पत्ते तुलसी – इन सबको कुटकर काढ़ा बनायें जब वह पानी आधा रह जाये तो गुड़ मिलाकर पीयें ।
  5. राई पीसकर नाक पर लगाने से जुकाम में आराम मिलता है ।
  6. दो चुटकी मुली के बीजों का चूर्णगर्म पानी के साथ सेवन करें ।
  7. दालचीनी और जायफल बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनायें और सुबह शाम लें ।
  8. आधा चम्मच सौंठ गाय के दूध के साथ प्रतिदिन पीयें ।
  9. 100 ग्राम जलेबी गाय के दूध में उबालकर सोते समय खायें जुकाम ठीक हो जायेगा ।
  10. सरसों के तेल में लहसुन का अर्क मिलाकर गर्म करें और तलवों पर मलें ।
  11. हल्दी और अजवायन दोनों का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर काढ़ा बनायें तथा उसके बाद गुड़ मिलाकर पीयें ।
  12. रात्रि विश्राम से पूर्व 1 गिलास गर्म पानी में निंबू निचोड़कर पीयें । हर तरह का जुकाम खत्म हो जायेगा ।
  13. बकरी के दूध में 100 ग्राम खजूर उबालकर खायें । जुकाम की सबसे अच्छी दवा है ।
  14. जुकाम में कच्चा प्याज काटकर खाने से नाक बहना बंद हो जाती है ।
  15. अदरक का रस और शहद समान मात्रा में मिलाकर चाटने से आराम मिलता है ।
  16. दही में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर और शक्कर मिलाकर खाने से जुकाम ठीक होता है ।
  17. यदि जुकाम के साथ बुखार और सिरदर्द भी है तो एक गिलास गाय के दूध में काली मिर्च का चूर्ण और हल्दी मिलाकर उबालें और चाय की तरह पीयें । शरीर को आराम मिलेगा ।

नजला जुकाम का आयुर्वेदिक उपचार :-

  1. तुलसी के पत्तों का रस पिलाने से जुकाम मिटता है ।
  2. दो मासा चूने की कली , दो मासा नौसादर और तीन मासा सौंठ तीनो को पीस पोटली बना सूघाने से सब प्रकार के जुकाम का नाश होते हैं ।
  3. नीम, गिलोय , लाल चन्दन , खसखस , बड़ी हरड़ तथा नागरमोथा इन सबको ढाई – ढाई तोला लेकर कूट – पीस लें और सबकी तीन पुड़िया बनाकर रख लें । एक पुड़िया को आधा किलो पानी में उबालें , जब 250 ग्राम पानी शेष रह जाय , तब उतार कर छान लें । इस औषधी को दिन में दो बार प्रयोग में लायें । एक छटाँक काढ़े की मात्रा में आधी छटाँक शहद अथवा मिश्री मिलाकर सेवन करें । इसी प्रकार दो मात्रा दिन में तथा दो मात्रा रात्रि में सेवन करें । अन्य कोई वस्तु न खायें । प्यास लगने पर गुनगुना पानी पियें । इससे दो दिन में ज्वर तथा जुकाम ठीक हो जायगा ।
  4. सोंठ , छोटी पीपल तथा कालीमिर्च को समभाग लेकर पीस लें तथा चौगुना गुड़ मिलाकर बड़ी मटर के बराबर की गोलियाँ बनाकर रख लें । एक – एक गोली दिन में तीन – बार गरम पानी के साथ सेवन करें ।
  5. अदरख का रस तथा शहद 6-6 माशा मिलाकर दिन में 3-4 बार चाटें ।
  6. काले जीरे का चूर्ण सूंघने से जुकाम ठीक हो जाता है ।
  7. कलौंजी को कपड़े में बाँधकर सूंघने से जुकाम ठीक हो जाता है ।
  8. गरम दूध में 10-15 कालीमिर्च तथा मिश्री पीसकर मिला दें और पी जायँ । इससे जुकाम अवश्य ठीक हो जाता है ।
  9. अदरक के स्वरस 6 माशे में शहद 6 माशे मिलाकर चाटने से जुकाम ठीक हो जाता है ।

नजला जुकाम का यूनानी चिकित्सा :-

  1. उन्नाव 7 अदद , लिसौड़ा 7 अदद , बनफशा , गाजवाँ , मुलेठी , खसखस और सौंफ- ये सभी 6-6 माशा और तुरञ्जबीन 1 तोला- इन सबको ढाई तोला मिश्री के साथ काथ बनाकर आधा सुबह और आधा शाम को पी लें । यह जुकाम में तुरन्त फायदा पहुंचाने वाली दवा है ।
  2. खूबकलौं 2 तोला को आधा सेर पानी में औटायें । जब 2 छटाँक पानी शेष रह जाय , तब उतार कर छान लें तथा मिश्री मिलाकर पियें । इससे जुकाम दूर होगा ।
  3. गेहूँ का चौकर 2 तोला तथा गुनबनफसा 1 तोला- इनका काढ़ा बनाकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है ।
  4. कपूर को एक कपड़े से बाँधकर बार – बार सूंघने से भी जुकाम ठीक हो जाता है ।
  5. लौंग को पीसकर तालु पर लगाने से जुकाम और सर्दी का नजला ठीक हो जाता है ।
  6. कालीमिर्च का चूर्ण , हल्दी का चूर्ण और काले नमक का चूर्ण इन तीनों का समभाग लेकर पावभर पानी में पकायें , जब आधा पानी रह जाय , तब गरम – गरम पी लें । इससे नया जुकाम , सर्दी और जुकाम के कारण होने वाला सिर – दर्द दूर हो जाता है ।
  7. गुलबनफशा 6 माशा , बतासे 5 माशा , अदरक 4 माशा और कालीमिर्च 4 रत्ती – इन्हें 1 पाव पानी में पकायें । जब आधा पानी रह जाय तब मल – छानकर कुछ ठण्डा ( गुनगुना ) करके पी लें । जुकाम में बहुत लाभ होता है ।
  8. भुने हुए गरम चनों को सूंघने से जुकाम और सिर – दर्द में आराम होता है ।

जुकाम के लिए योगा :-

1.शीर्षासन 2.सर्वांगासन 3.हलासन

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