भारतीय मान्यता के अनुसार हाथ मिलाना क्यों उचित नहीं है ।

भारतीय मान्यता के अनुसार हाथ मिलाना उचित हैं या नहीं ? भारतीय मान्यता के अनुसार हाथ मिलाने से अपने शरीर की संचित शक्ति दूसरे में प्रवेश कर जाती हैं । इस तरह शरीर में क्षीणता आती हैं । प्राचीन काल से ही गुरुजन अपने शिष्यों के सिर पर हाथ रखकर ‘ शक्तिपात ‘ करते हैं…

भगवान सूर्य के रथ को 7 घोड़े खींचते हैं उसका रहस्य।

सूर्य के रथ को सात घोड़े खींचते हैं । ऐसा लोगों का विचार है । इन सात घोड़ो का वैज्ञानिक रहस्य क्या हैं ? न तो सूर्य के पास कोई रथ है और न ही उस रथ को सात घोड़े खींचते है । सौर मण्डल में अपनी धुरी पर परिक्रमा करना ही सूर्य की गति…

कर्मफल का सिद्धांत । क्या कर्मफल भोगने पड़ते हैं ।

कर्मफल क्या है ? क्या कर्मफल अवश्य भोगने पड़ते हैं ? जो शुभ – अशुभ , पुण्य अथवा पाप जीव करता है , उसके उन कर्मों के अनुसार उसे ‘ फल ‘ की प्राप्ति होती है । कितने लोग कहते हैं कि अमुक व्यक्ति ने कभी पाप नहीं किया फिर भी बेचारा दरिद्री और अभावों…

पुनर्जन्म क्या है। पुनर्जन्म का अर्थ । What is rebirth and meaning of rebirth

पुनर्जन्म वैज्ञानिक है या केवल अवधारणा हैं । विज्ञान के अनुसार कोई भी पदार्थ कभी नष्ट नहीं होता बल्कि वह किसी अन्य रूप में परिवर्तित हो जाता है । जैसे हरे – भरे वृक्ष सैंकड़ो वर्ष बाद सूख जाते हैं । तब उन्हें हम वृक्ष न कहकर ‘ लकड़ी ‘ कहते हैं और वही लकड़ी…

अभिवादन (Greeting) कैसे करें । गुड़मार्निंग , गुडनून , गुड ईवनिंग कहना उचित है या नहीं।

अभिवादन कैसे करे ? अपने गुरुजनों एवम् बड़ी उम्र वालों के चरण स्पर्श करें , अपने से छोटी उम्र वालों को आशीर्वाद प्रदान करें तथा अपने बराबर उम्र वालों को हाथ जोड़कर देवताओं के नाम का जयकारा करें । ईश्वर का अभिवादन किस प्रकार करना चाहिए ? ईश्वर का अभिवादन वेद पाठ , स्त्रोत पाठी…

गणेश जी की प्रथम पूजा क्यों होती हैं । Why we Worship Ganesh Frist

देवताओं में सर्वश्रेष्ठ और अग्र गणेश जी माने गये हैं क्यों ? अनेक लोगों का यही प्रश्न होता हैं कि अनेक सुन्दर और शक्तिशाली देवता हैं । सूर्य हमें रोशनी देते हैं . इन्द्र देव पानी बरसाकर अन्न उपजाने में सहायता करते हैं । जीव – धारियों के प्राण रक्षक पवन देव हैं फिर गणेश…

मंत्रोच्चार करके ग्रहों का आह्वान करके ग्रहों को बुलाया जा सकता है ।

मंत्रोच्चार करके ग्रहों का आह्वान करके ब्राह्मण या तांत्रिक लोग ग्रहों को बुलाने का उपक्रम करते हैं । क्या वास्तव में आह्वान करने पर ग्रह आते हैं ? आते हैं तो कैसे ? जिस प्रकार फोटोग्राफी कैमरे के छोटे से लैन्स में बड़े – बड़े भवन किले आदि समा जाते हैं उसी प्रकार हमारी आंखे…

शिखा (चोटी) रखने का फायदे एवं बैज्ञानिक कारण ।

शिखा ( चोटी ) क्यों रखते हैं । तथा शिखा में ग्रन्थि ( गाँठ ) लगाने का क्या उद्देश्य हैं ? सन्धया चन्दन , गायत्री जप , यज्ञ अनुष्ठान आदि में शिखा का होना परम आवश्यक है । द्विज ( ब्राहम्णों ) के लिखे शास्त्र भी शिखा रखने के लिए कहते हैं । धर्म शास्त्रों…

भविष्य क्या है।क्या भविष्य को भाग्य के सहारे छोड़ देना चाहिए

लोग भविष्य के लिए ज्यादा चिन्तित रहते हैं । क्या भविष्य को भाग्य के सहारे छोड़ देना चाहिए ? सृष्टि की रचना जब से हुई , तब से लेकर आज तक मनुष्य अपने भविष्य को जानने के प्रति काफी जिज्ञासु रहा है और जिज्ञासा भविष्य में आने वाली सन्तानों में भी रहेगी । इसी भविष्य…

श्राद्ध (Shradh) किसे कहते है । श्राद्ध के महत्व ।

श्राद्ध किसे कहते है ? मृत पितरों के उद्देश्य से जो अपने प्रिय भोज्य पदार्थ ब्राह्मण को श्राद्धपूर्वक प्रदान किये जाते हैं . इस अनुष्ठान को ‘ श्राद्ध ‘ कहते हैं । श्राद्ध में किया गया भोजन मृत प्राणी को कैसे प्राप्त होता हैं ? लोगों का ऐसा विश्वास है कि श्राद्ध में जो भोजन…