होम्योपैथीक से करें हाई ब्लड प्रेशर दूर

मनुष्य के शरीर में रक्त का दबाव आमतौर पर सिस्टोलिक ( systolic ) १२० से १४० और डायस्टोलिक ( diastolic ) ८० से १०० m.m. of Hg तक रहता है । इस स्तर से अधिक होने पर उच्च रक्तचाप ( high blood pressure ) और कम होने पर निम्न रक्तचाप ( low blood pressure ) कहलाता है । दोनों ही दशाओं में हृदय पर अधिक दबाव पड़ने से हृदय कमज़ोर हो जाता है ।

अधिक मानसिक श्रम या चिन्ता , शारीरिक श्रम का कम होना ; अति गरिष्ठ भोजन , भोग – विलास , मोटापा , शराब , धूम्रपान , या खान – पान की गड़बड़ से शिराओं का कड़ा होना और उनकी फैलने की शक्ति में कमी होने के कारण रक्त चाप बढ़ जाता है ।

लक्षण : सिर में दर्द या चक्कर , घबराहट , बेचैनी , दिल में दर्द , नींद न आना , आदि ।

दवा-

  • जब खुली हवा में चलने – फिरने या शारीरिक परिश्रम करने से रोगी को अच्छा लगे ।- रॉवलफिया सर Q या ६ , आवश्यकतानुसार
  • कनपटियों में दर्द , गर्मी व धूप से रोग बढ़े । – ग्लोनॉइन ६ या ३० , दिन में ३ बार
  • सिर हिलाते ही चक्कर आए , अविवाहितों के लिए खास दवा । – कोनियम ३० या २००, 2-3 खुराक
  • जब नींद से उठने के बाद रोग बढ़े । खुले कपड़े पहनने की इच्छा । गर्दन के चारों ओर तंग कपड़े सहन नहीं होते ।– लैकेसिस २०० या 1M , २-३ खुराक
  • मोटे व्यक्तियों में , जो मांसाहारी भोजन ज्यादा लेते हैं।-एलियम सैटाइवा Q या ६ , आवश्यकतानुसार
  • दुखी लोगों में , जिनमें नमक खाने की इच्छा ज्यादा हो – नैट्रम म्यूर २०० या 1M , २-३ खुराक
  • अचानक बुरी ख़बर या घबराहट के कारण ।- जल्सेमियम २०० या IM , २-३ खुराक
  • बूढ़े लोगों के लिए ।- बैराइटा म्यूर 3x या ६ , दिन में ३ बार
  • सिर दर्द , घबराहट , त्वचा लाल , गर्म लेकिन प्यास न हो । – बैलाडोना ३० , दिन में २-३ बार
  • आप Dr.Reckeweg R85 high blood pressure drops भी यूज करें क्योंकि यह काफी फायदेमंद है।
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सामान्य देख रेख : नमक कम से कम इस्तेमाल करें । ज्यादा शारीरिक परिश्रम न करें । ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं । होम्योपैथिक दवाओं से जल्दी फायदा न हो तो अस्पताल में दिखाने से न हिचकिचाएं ।

Low blood pressure (कम रक्तचाप) से ना हों परेशान करें होम्योपैथी इलाज. सिर में जूं (Lice) का होम्योपैथी दवाओं द्वारा उपचार

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