स्वस्थ रहने के लिए 20 नियम । Top 20 habits for good health

प्रकृति के विरूद्ध जाने के कारण ही हम बीमार पड़ते हैं । हमारे ऋषि – मुनियों ने प्रकृति के नियम और शरीर की संरचना के अनुसार स्वस्थ जीवन जीने के कुछ नियम बनाये हैं , यदि हम उनका पालन नहीं करेंगे तो निश्चित रूप से बीमार पडेंगे ।

  1. फलों का रस , अत्यधिक तेल की चीजें , मट्ठा , खट्टी चीज रात में नहीं खानी चाहिये ।
  2. घी या तेल की चीजें खाने के बाद तुरंत पानी नहीं पीना चाहिये बल्कि एक – डेढ़ घण्टे के बाद पानी पीना चाहिये ।
  3. भोजन के तुरंत बाद अधिक तेज चलना या दौड़ना हानिकारक है । इसलिये कुछ देर आराम करके ही जाना चाहिये ।
  4. शाम को भोजन के बाद शुद्ध हवा में टहलना चाहिये खाने के तुरंत बाद सो जाने से पेट की गड़बड़ीयाँ हो जाती हैं ।
  5. प्रातःकाल जल्दी उठना चाहिये और खुली हवा में व्यायाम या शरीर श्रम अवश्य करना चाहिये ।
  6. तेज धूप में चलने के बाद , शारीरिक मेहनत करने के बाद या शौच जाने के तुरंत बाद पानी कदापि नहीं पीना चाहिये ।
  7. केवल शहद और घी बराबर मात्रा में मिलाकर नहीं खाना चाहिये वह विष हो जाता है ।
  8. खाने पीने में विरोधी पदार्थों को एक साथ नहीं लेना चाहिये जैसे दूध और कटहल , दुध और दही , मछली और दूध आदि चीजें एक साथ नहीं लेनी चाहिये ।
  9. सिर पर कपड़ा बांधकर या मोजे पहनकर कभी नहीं सोना चाहिये ।
  10. बहुत तेज या धीमी रोशनी में पढ़ना , अत्यधिक टी . वी या सिनेमा देखना अधिक गर्म – ठंडी चीजों का सेवन करना , अधिक मिर्च मसालों का प्रयोग करना , तेज धूप में चलना इन सबसे बचना चाहिये । यदि तेज धूप में चलना भी हो तो सर और कान पर कपड़ा बांधकर चलना चाहिये ।
  11. रोगी को हमेशा गर्म अथवा गुनगुना पानी ही पिलाना चाहिये । और रोगी को ठंडी हवा , परिश्रम , तथा क्रोध से बचाना चाहिये ।
  12. आयुर्वेद में लिखा है कि निद्रा से पित्त शांत होता है , मालिश से वायु कम होती है , उल्टी से कफ कम होता है और लंघन करने से बुखार शांत होता है । इसलिये घरेलू चिकित्सा करते समय इन बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिये ।
  13. आग या किसी गर्म चीज सेजल जाने पर जले भाग को ठंड पानी में डालकर रखना चाहिये ।
  14. कान में दर्द होने पर यदि पत्तों का रस कान में डालना हो तो सुर्योदय के पहले या सुर्यास्त के बाद ही डालना चाहिये ।
  15. किसी भी रोगी को तेल , घी या अधिक चिकने पदार्थों के सेवन से बचना चाहिये ।
  16. अजीर्ण तथा मंदाग्नि दूर करने वाली दवाएँ हमेशा भोजन के बाद ही लेनी चाहिये ।
  17. मल रूकने या कब्ज होने की स्थिति में यदिदस्त कराने होतो प्रातःकाल ही कराने चाहिये , रात्रि में नहीं ।
  18. यदि घर में किशोरी या युवती को मिर्गी के दौरे पडते हों तो उसे उल्टी , दस्त या लंघन नहीं कराना चाहिये ।
  19. यदि किसी दवा को पतले पदार्थ में मिलाना हों तो चाय , कॉफी , या दूध में न मिलाकर छाछ , नारियल पानी या सादे पानी में ही मिलाना चाहिये ।
  20. हींग को सदैव देशी घी में भून कर ही उपयोग में लाना चाहिये । लेप में कच्ची हींग लगानी चाहिये ।

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