स्टोमेटाइटिस का कारण, लक्षण तथा उपचार । TREATMENT OF STOMATITIS

मुंह की म्युकस मेम्ब्रेन में सूजन आ जाना स्टोमेटाइटिस कहलाता है । इसमें मसूढ़ों व जीभ की भी सूजन हो सकती है । इसमें मुँह में लालिमा ( redness ) सूजन ( swelling ) , लार गिरना , चबाने में तकलीफ , चपचप की आवाज ( smacking of sound ) से पशु कम या बिल्कुल नहीं खाता है ।

Gingivitis- मसूढ़ों में सूजन ( inflammation of gums )

Glessitis – जीभ में सूजन ( inflammation of tongue )

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स्टोमेटाइटिस का कारण क्या हैं । ETIOLOGY OF STOMATITIS

( 1 ) Physical causes –

मुंह की म्युकस मेम्ब्रेन ( Oral cavity mucosa ) को विभिन्न तरह की चोट से स्टोमेटाइटिस हो जाती है ।

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  • चुभने वाला चारा जैसे तीखा डंठल , कांटेदार झाडी आदि ।
  • नुकीली या धारदार चीज जैसे कांच का टुकड़ा , कील आदि ।
  • बांस , धातु या कांच से बनी बोतल से लापरवाही से ड्रेचिंग करना ।
  • गलत तरीके से प्रोबेंग या स्टोमक ट्युब को मुंह में डालना ।
  • अधिक गर्म या अधिक ठंडा आहार या पानी का प्रयोग करना ।

( 2 ) Chemical causes –

  • मुंह में जलन करने वाले ( irritant ) केमिकल्स , जैसे – एसिड , एल्कली आदि ।
  • जलन करने वाली दवाइयां , जैसे टरपेंन्टाइन ऑयल ( इसी कारण आफरा में तारपीन के तेल को मीठे तेल में मिलाकर पिलाया जाता है )
  • रासायनिक खाद ।

( 3 ) Bacterial causes –

  • Streptococcus , staphylococcus
  • Sphaerophorus , Necrophorus .
  • Actinobacillus ligneresi , Leptospira species .

( 4 ) Viral causes –

  • Foot and mouth disease virus , Rinderpest .
  • Mucosal disease , Muzzle disease .
  • Vesicular stomatitis , Vesicular exenthema .
  • Blue tongue , Pox virus , Bovine malignant catarrh

स्टोमेटाइटिस कितनेप्रकार के होता है । CLASSIFICATION OF STOMATITIS

( 1 ) रोग के कारणों के आधार पर ( Etiology )

  • Bacterial stomatitis
  • Viral stomatitis
  • Fungal stomatitis
  • Traumatic stomatitis
  • Allergic stomatitis .

( 2 ) लक्षणों के आधार पर ( Lesions )

  • Cattarrhal stomatitis ( simple stomatitis ) red , swallon in mucous membrane .
  • Phlegmonous stomatitis
  • Vesicular stomatitis
  • Ulcerative stomatitis
  • Allergic stomatitis

Cattarrhal stomatitis ( simple stomatitis ) –

  • म्युकस मेम्ब्रेन में लाल सूजन व होंठ फट जाना ।
  • मुंह में भूरी गंदगी होने से बदबू आना ( foul smell )
  • होठों के किनारों पर झाग , चपचप की आवाज ( smacking sound )
  • भूख कम लगना या चारा -दाना खाना बिल्कुल बंद |

Phlegmonous stomatitis –

  • खाने में तकलीफ , लंबी लार गिरना ( drooling saliva )
  • जीभ के सूजन से होंठ थोड़े चौड़े हो जाते हैं ।
  • जीभ सूजी हुई , जो चमकीले म्युकस से ढकी रहती है ।
  • Maxillary oedema -मुंह में बदबू ( foul smell ) .

Necrotic Stomatitis –

  • जीभ पर कहीं कहीं कोसिस , जीभ मुंह से थोड़ी बाहर निकली हुई ।
  • शुरू में बुखार ( temp ) .

Vesicular stomatitis –

  • पतली म्युकस मेम्ब्रेन पर छोटे वेसिकल्स या फॅफोले उभर आते हैं जिनमें हल्का पीला फ्लूड भरा रहता है ।
  • वेसिकल्स फूट जाने पर जगह – जगह घाव बन जाते है ।
  • मुंह में जगह – जगह उखड़ी हुई सफेद म्युकस मेम्ब्रेन ।

Ulcerative stomatitis ( Aptha ) –

  • अल्सर जैसे घाव होना , जो समय पर भर नहीं पाते हैं ।
  • लाल म्युकोसा , जगह जगह पर अल्सर जो 10 दिन में ठीक हो पाते है ।
  • लार कम गिरना ।

Allergic stomatitis ( Clove disease ) –

  • लाल धब्बे तथा हल्के घाव जो जल्दी ही भर जाते हैं ।
  • म्युकस मेम्ब्रेन में सूजन , रस्सी की तरह लार गिरना ।

स्टेमेटाइटिस रोग का जन्म कैसे होता है । PATHOGENESIS OF STOMATITIS

स्टेमेटाइटिस प्रमुख रूप से अकेला रोग भी हो सकता है जैसे फिजिकल , केमिकल कारणों से तथा यह किसी भी अन्य प्रमुख रोग के कारण भी हो सकता है । जैसे एफ एम.डी. , रिंडरपेस्ट आदि के कारण । प्रायः इसका प्रोग्नोसिस फेवरेबल होता है लेकिन यदि इसी दौरान एन्थेक्स , एच.एस. , बी.क्यु . आदि इन्फेक्शन का हमला हो जाए तो अनफेवरेबल में बदल सकता है ।

स्टेमेटाइटिस के लक्षण क्या है । SYMPTOMS OF STOMATITIS

  • कम या पूरी तरह से भूख नहीं लगना ।
  • झागदार कम या अधिक मात्रा में धार की तरह लार गिरना ( drooling )
  • लार में हल्की मवाद , ब्लड व एपीथिलियम कोशिकाएं ।
  • मुंह में बदबू आना ( foul smell ) . बॉडी टेम्प्रेचर भी बढ़ सकता है ।
  • मुंह के अंदर vesicular , ulcerative , necrotic लक्षण हो सकते हैं ।
  • मुंह में सफेद मखमली परत फंगल इन्फेक्शन में नजर आती है ।

स्टेमेटाइटिस का डायग्नोसिस कैसे करें । DIAGNOSIS OF STOMATITIS

  • हिस्ट्री पूरी तरह मालूम करें ।
  • अन्य अंगों की भी जांच करें और इस रोग के लक्षण जैसे अन्य रोगों से तुलना करें क्योंकि ऐसे ही लक्षण वाले रोग FMD , Poisoning , Blue tongue , Rinderpest , Rabies , Magnesium deficiency vkin is differntial diagnosis करना एक अनुभव व कुशलता का कार्य है ।
  • ध्यान रहे कि मुह में हाथ डालकर परीक्षण करने से पहले ग्लोब्ज जरूर पहने वरना कभी – कभी यह पशु चिकित्साकर्मी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है ।

स्टेमेटाइटिस का उपचार क्या है । TREATMENT OF STOMATITIS

पशु को नरम आहार देना चाहिए । बड़े शाकाहारी पशुओं को हरा चारा , दलिया आदि दें । पशुओं को चरागाह में चरने नहीं भेजें ।

  • Mouth wash- पोटेशियम परमेग्नेट ( लाल दया ) के हल्के घोल ( 1 : 1000 ) से मुंह धोने से काफी अच्छा असर होता है । इसके लिए कॉपर सल्फेट का घोल ( 2 % ) भी काम में ले सकते हैं ।
  • Boroglycerine – 1-2 % बोरोग्लिसरीन मुंह में लगाएं ।
  • Cauterization
  • Dog- खाने में चावल , दलिया , केला आदि दें ।
  • Inj . B Complex – 1-2 ml I / M daily or alternate day .
  • Vit . C- Tab . Celin 100 mg . 500mg – Tab . 100 mg OD
  • Fungal stomatitis – Antifungal – Tab . mycostain 25 mg / kg b.w.
  • यदि किसी बैक्टीरियल रोग की वजह से स्टोमेटाइटिस और टेम्प्रेचर है तो Broad spectrum antibiotic for 5 days .

– Hostacortin – H , या Betnesol को एंटीबायोटिक के साथ दें ।

या Penicillin – 20 lac IU ( L. animals ) . – 4 lac IU ( S. animal ) .

या Streptomycin – 1.5-2.5 gm – large animals .

– 0.5-1 gm – small animals .

या Oxytetracycline .

या Sulpha drugs – 1 gm / 1b [ 1 pound ( Ib ) = 454 gm ] b.w.

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