सिर में जूं (Lice) का होम्योपैथी दवाओं द्वारा उपचार

  1. सिर में जूं हो जाने पर।:- कार्बोलिक एसिड ३० , दिन में ३ बार
  2. सिर में जुएं हो जाएं , बालों की चमक फीकी पड़ जाए , भद्दे लगें , सिर से बदबू आए । रोगी ठंडी प्रकृति का हो । पसीना आने से अच्छा लगे । :- सोराइनम २०० या 1M , आवश्यकतानुसार
  3. सिर , बगल , गुप्तांगों में जुएं या लीखें । खास कर जब सोराइनम से लाभ न हो । ( शरीर के किसी भी भाग में जुएं होने पर इस औषधि के मूल अर्क को उस भाग पर मलें । ) :- स्टेफ़िसएगेरिया ६ या ३० , दिन में ३ बार
  4. जब शरीर में त्वचा पर जुएं हो जाएं , ( त्वचा में धंसी रहें ) निकालना कठिन हो । :- लाइकोपोडियम ३० , दिन में २-३ बार
  5. जननांगों में जूं होने पर । ( शरीर के किसी भी भाग में जुएं होने पर इस औषधि के मूल अर्क को उस भाग पर मलें । :- थूजा IM , सप्ताह में एक बार
  6. सिर में जुएं पड़ जाएं , खोपड़ी से बदबू आए , सिर में फोड़े – फुसियां हों व सिर गीला रहे । :- विन्का माइनर ३० , दिन में ३ बार

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