लैश्मानिओसिस ( LEISHMANIOSIS ) का कारण, लक्षण एवं उपचार

लैश्मानिओसिस ( LEISHMANIOSIS ) क्या है ?

यह पशु व मनुष्य में पाया जाने वाला एक प्रोटोजोआ रोग है जो visceral and cutaneous दो रूप में पाया जाता है । यह मुख्य रूप से मनुष्य व कुत्तों का रोग है लेकिन कभी कभी यह जंगली बिल्ली , भेड़िया , लोमड़ी , सेही , चूहे और जंगली जानवरों में भी पाया जाता है ।

लैश्मानिओसिस ( LEISHMANIOSIS ) कैसे फैलता है ?

यह रोग एक विशेष प्रकार की खून चूसने वाली मक्खी ( sand fly ) फ्लेबोटोमस स्पीसीज के काटने से फैलता है तथा पशुओं से मनुष्य व मनुष्य से पशुओं में द्वारा फैलाने के लिए कुत्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । प्रोटोजोआ पैरासाइट पशुकी रक्त कोशिकाओं में व द्धि कर उन्हें नष्ट करते है ।

लैश्मानिओसिस ( LEISHMANIOSIS ) का कारण (ETIOLOGY) क्या है ?

ETIOLOGY – Protozoa – Leishmania donovani , L.tropica .

प्रोटोजोआ पैरासाइट पशु की रक्त कोशिकाओं में वृद्धि कर उन्हें नष्ट करते है |

लैश्मानिओसिस ( LEISHMANIOSIS ) का लक्षण (SYMPTOMS) क्या है ?

  • L. tropica – इस प्रोटोजोआ पैरासाइट से त्वचा पर छोटे – छोटे चकते पड़ जाते हैं , जिन्हें oriental sore कहते हैं ।
  • L. donovani – इससे त्वचा के साथ पूरे शरीर भागों में रोग लक्षण प्रकट होते हैं , इसे कालाजार या डम – डम फीवर ( Kala – a – zar or Dum – Dum fever ) कहते हैं ।

लैश्मानिओसिस ( LEISHMANIOSIS ) का उपचार (TREATMENT) क्या है ?

  • Antimonial and Allopurinol preparations ( Dog ) .
  • Ureastibamina ( Human ) .

लैश्मानिओसिस ( LEISHMANIOSIS ) का रोकथाम (CONTROL) क्या है ?

  • Flies control
  • Destruction or sterlization of stray dog population .
  • Isolation of positive case or ind killing .

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