स्मरण शक्ति (याददाश्त) का कमजोर होने का कारण तथा उपचार । Treatment for Low Memory Power

स्मरण शक्ति कमजोर क्यों होता है ?

आजकल प्रायः युवा लोगों में देखी जाती है । बुढापे में भी इसकी आम शिकायत रहती है । अत्यधिक चिंता या भय से ग्रस्त होने पर अथवा क्रोध या शोक से प्रभावित होने पर या अत्यधिक पढ़ने से स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है ।

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स्मरण शक्ति (याददाश्त) का घरेलू उपचार:-

  1. शंख पुष्पी को पीसकर चूर्ण बनायें और 250 ग्राम दूध में आधा चम्मच शंख पुष्पी और 1 चम्मच शहद मिलाकर प्रातःकाल लें ।
  2. शंखपुष्पी , ब्राह्मी , आँवला , गिलोय और जटामासी इन सब को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनायें और सुबह – शाम आधा चम्मच चूर्ण सादे पानी से लें ।
  3. आठ – दस बादाम की मिगी रात्रि में पानी में भिगोयें तथा सुबह इनके छिलके उतारकर अच्छी तरह पीसें । 250 ग्राम देशी गाय के गर्म दूध में इसे मिलायें तथा थोड़ा सा काली मिर्च चूर्ण और दो चम्मच शहद दूध में मिलाये ( दूध ठंडा होने पर ही शहद मिलाये ) इसके साथ दूध में 1 चम्मच देशी गाय का घी भी मिलायें और सेवन करें ।
  4. प्रतिदिन सुबह गाय के दूध के साथ 1 आँवले का मुरब्बा लेने से स्मरण शक्ति बढ़ती है ।
  5. गाय के दूध में 8-10 खजूर उबालकर पीने से स्मरण शक्ति बढ़ती है ।
  6. गाय के दूध में मुलहठी का 1 चम्मच चूर्ण डालकर पीयें ।
  7. खरबूजे की मिगी कोधी में भूनकर चबा – चबाकर खाने से याददाश्त बढ़ती है ।
  8. पीपल की पेड की छाल का चूर्ण शहद के साथ चाटें ।
  9. आम का रस , अदरक का रस , और तुलसी के पत्तों का रस बराबर मात्रा में लेकर शहद के साथ उपयोग करें ।
  10. पिस्ता तथा तिल के लड्डू खाने से याददाश्त बढ़ती है ।
  11. सौंफ का पाउडर बनाकर शहद में मिलाकर चाटें ।
  12. गेहूँ रोप रस पीने से याददाश्त बढ़ती है ।
  13. पीपल के 4-5 फलों का चूर्ण बनायें और 1 चम्मच चूर्ण सुबह गर्म पानी के साथ लं ।

स्मरण शक्ति का आयुर्वेदिक उपचार:-

दो किलो हरे ताजे आंवले बारीक काटें । कांच के बर्तन में रखें । 750 ग्राम शहद डालकर बन्द करके रखें । 15 दिन नियम से धूप लगायें । एक तोले की एक खुराक नित्य सुबह शाम उबाले हुए ठंडे दूध के साथ सेवन करें । लाल मिर्च और इमली का परहेज करें । आश्चर्यजनक लाभ होगा ।

स्मरण शक्ति के लिए योगा :-

स्मरण शक्ति व मस्तिष्क- शीर्षासन , सर्वांगासन , उत्तानासन , पश्चिमोत्तानासन , योग मुद्रासन , पादहस्तासन, पद्मासन , सिद्धासन , शवासन , योगनिद्रा , वृक्षासन , पर्वतासन , ध्रुवासन , मत्स्यासन आदि ।

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