मलद्वार का फटने ( Fissure in Ano ) का होम्योपैथिक दवा

मलद्वार क्यों फटता है ?

सख्त कब्ज़ में जब रोगी मल निष्कासन के लिए जोर लगाए तो गुदाद्वार की झिल्ली फट सकती है । इसके कारण शौच जाने के समय या बाद में बहुत जलन होती है , और पाख़ाने में खून की लकीर सी दिखती है । बहुत कष्ट होता है , कभी – कभी बेहोशी सी भी हो जाती है ।

मलद्वार के फटने का लक्षण है और उसकी होम्योपैथिक दवाएँ :-

  • पाखाने के समय व बाद में दर्द जो घंटों बना रहे । रोगी बैचैनी के कारण टहलता रहे । मलद्वार में दर्द लगे जैसे लकड़ी या पत्थर की चैली ( splinter ) से होता है । :- एसिड नाइट्रिक ३० , दिन में ३ बार
  • जब दर्द पाख़ाना आने के पहले थोड़ा कम व पाखाना आने के बाद अधिक हो , आग लगने जैसी जलन । गर्म पानी की सेक से आराम आए । :- रटेनिया ३० , दिन में ३ बार
  • जब सख्त कब्ज़ के कारण मल द्वार फट जाए । कब्ज़ कि शिकायत जो गर्म दूध के सेवन से ठीक रहे । :- ग्रेफाइट्स ३० , दिन में ३ बार
  • जब खुश्की के कारण मल द्वार के साथ होंठ तथा मुंह के कोर तक भी फट जाएं ( आंत भी खुश्क हाँ ) । नमक खाने की प्रबल इच्छा । :- नैट्रम म्यूर 6X या ३० , दिन में ३ बार
  • जब मल द्वार के फटने से नाव सा बहता रहे और मलद्वार में कतरने जैसा दर्द हो । :- पियोनिया Q या ३० , दिन में ३ बार

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