बांझपन दूर करें इन 8 घरेलू , आयुर्वेदिक नुस्खों से ।

  1. ढाक के पत्तों का रस गाय के दूध में मिलाकर पीने से लाभ मिलेगा । गर्भ ठहरने के बाद भी ढाक के पत्ते दूध में पीसकर पीने से ओजस्वी संतान की प्राप्ति होती है ।
  2. देशी गाय के दूध में नगाकेसर का चूर्णऔर घी मिलाकर पीन से गर्भ ठहरने की संभावनाएं बढ़ जाती है ।
  3. गाय के दूध में शिवलिंगी के बीज और कौंच के बीज का पावडर मिलाकर पीने से लाभ होता है ।
  4. समंदर झाग का पावडर दही में मिलाकर पिलायें ।
  5. गाय के दूध में नागकेसर चूर्ण मिलाकर पीने से स्त्रियां जल्दी गर्भवती होती हैं ।
  6. नागकेसर , कालीमिर्च , अदरक और पीपल समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनायें और बांझ स्त्री को खिलायें । कुछ ही दिनों में अवश्य लाभ होगा ।
  7. नाग केसर और सुपारीपाक चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर नित्य सेवन करें ।
  8. त्रिफटा और असलीनाग को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बनायें और खाकर सहवास करने पर गर्भ ठहरने की संभावना बढ़ जाती हैं । इसी तरह माजुकल , दक्षिणी सुपारी 1-1 तोला लेकर 5 तोले गजदंत चूर्ण मिलाकर गाय के दूध के साथ इसी प्रक्रिया से लें ।

मासिक धर्म की अनियमितता का घरेलू आयुर्वेदिक उपचार । Home Treatment of Irregular Periods in Hindi

मासिक धर्म की अधिकता के 5 घरेलू , आयुर्वेदिक उपचार ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.