फाइलेरियल डर्मेटाइटिस का कारण एवम् उपचार । TREATMENT OF FILARIAL DERMATITIS

Synonyms – Dermatidles , Cutaneous filariasis , पट फूटना , मूज फूटना ।

फाइलेरियल डर्मेटाइटिस रोग का कारण क्या हैं । ETIOLOGY OF FILARIAL DERMATITIS

ETIOLOGY– Parafilaria multipapilosa , Parafilaria bovicola ( cattle )

फाइलेरिया परजीवी पालतू पशुओं की त्वचा के नीचे पाये जाते हैं । काटने या खून चूसने वाले कीटों तथा मस्का वंश की मक्खियों के द्वारा ये पशु की त्वचा में प्रवेश करते है । ये मक्खियाँ अपने शरीर पर चिपके फाइलेरिया के लार्वा को दूसरे पशु के त्वचा के घाव घर छोड़ देती है । प्रायः एक वर्ष की कम उम्र के पशुओं में यह नहीं पाया जाता है । पालतू पशुओं में से मेड़ , बकरियों , घोड़ों व गायों में पाये जाते है । भारत में धूप में काम करने वाले बैलों में फाइलेरिएसिस अधिक होता है ।

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फाइलेरियल डर्मेटाइटिस का लक्षण क्या हैं । SYMPTOMS OF FILARIAL DERMATITIS

  • प्रायः गर्मी के दिनों में त्वचा पर लक्षण प्रकट होते हैं ।
  • त्वचा पर हल्के छोटे – छोटे दाने उभरे नजर आते हैं । यह अपने आप उभर कर फूटते हैं ।
  • ब्लीडिंग पॉइंट से ब्लड निकलता है , घाव भी भर जाता है तथा लक्षण अपने आप गायब हो जाते हैं । कई बार वर्ष भर बाद फिर से लक्षण प्रकट हो जाते हैं ।
  • गायों में त्वचा के ऊपर फाइलेरिया के उभरे दाने कंधों , गर्दन , गलकम्बल व आंख के आस – पास अधिक होते हैं । इन छोटे – छोटे लार्चा से व्यस्क बनने में 5-7 माह लग जाते हैं तथा इन्फेक्शन के 7-9 माह बाद त्वचा पर ब्लीडिंग पॉइंट उभरते हैं ।
  • गांठो में फाइलेरिया पैरासाइट लार्वा या व्यस्क रूप में पाया जाता है ।

फाइलेरियल डर्मेटाइटिस रोग का उपचार । TREATMENT OF FILARIAL DERMATITIS

चूँकि इसमें लक्षण अपने आप ही गायब हो जाते हैं तथा पशु को कोई विशेष नुकसान नहीं होता है इसलिए इलाज की जरूरत नहीं होती है । यदि संक्रमण अधिक है तथा पशु घोड़ा या अन्य कीमती पशु हो तो ट्रीटमेंट किया जा सकता है । कभी – कभी भेड़ों में भी ऐसी स्थिति होती है ।

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  • Nitroxynil – 20 mg / kg b.wt.
  • Trodox ( 20 % ) lml / kg b.wt. S / C ( sheep )
  • Levamisol Hcl- 12 mg / kg b.wt. , daily for four days
  • Anthiomaline- 15-20ml I / M , alternate day , cattle & horse .
  • Tar – tar emetic- ( 5 % solu . ) 8ml . , 16 ml.and 20 ml . I / V . सप्ताह में एक इंजेक्शन दो या तीन सप्ताह तक लगाएं ।
  • Inj . Ivermectin – 0.2 mg / kg b.wt. S / C .

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