पेट दर्द , अम्लपित्त का कारण तथा आयुर्वेदिक, घरेलु उपचार ।

पेट दर्द , अम्लपित्त का कारण क्या है?

यह रोग प्रायः अजीर्ण के कारण उत्पन्न होता है । इसमें पेट में शूल गढ़ने जैसी वेदना होती है । अम्लपित्त रोग में भी पेट – दर्द होता है , जिसे ‘ अम्लशूल ‘ कहते हैं । पित्त के सूखकर कठोर हो जाने पर जो पेट में तीव्र शूल होता है , उसे ‘ पित्त – शूल ‘ कहते हैं । इसके रोग में पेट में तीव्र चेतना के साथ ही पित्त वमन अथवा मिचली के लक्षण भी प्रकट होते हैं । पेट में कीड़ों के कारण भी शूल होता है । भोजन के बाद नियमित रूप से जो शूल होता है , उसे ‘ परिणाम – शूल ‘ कहते हैं । अतः शूल – रोग के यथार्थ कारण को जानकर ही उसकी चिकित्सा करनी चाहिए । मूल कारण को नष्ट कर देने से शूल रोग स्वतः दूर हो जाता है ।

पेट में कब्ज के दौरान अम्लपित्त बनने लगता है । खट्टी डकारें आती हैं । पेट में भारीपन लगता है । कुछ भी खाने की इच्छा नहीं होती । इसके घरेलू उपचार निम्मलिखित हैं ।

पेट दर्द , अम्लपित्त का घरेलु उपचार :-

  1. कच्ची प्याज ( बारीक काटकर ) दही के साथ मिलाकर लेने से अम्लपित्त में लाभ होता है ।
  2. पके हुए जामुन का सिरका पीने से शूल मिटता ।
  3. पीपल के चूर्ण में काला नमक मिला फंकी देने से पेट शूल मिटता है ।
  4. लाल मिरच को गुड़ में गोली बना देने से पेट शूल मिटता है ।
  5. अनारदाने का रस पीने पेट से का शूल मिटता है ।
  6. एक ग्राम सौंठ के चूर्ण में चुटकी भर हींग और सैंधा नमक मिलायें । इस चूर्ण को सुबह – शाम पानी के साथ सेवन करें ।
  7. आँवले का पावडर सादा पानी के साथ लेने से अम्लता दूर होती है ।
  8. हिग्वाष्टक चूर्ण लेने से ( कालानमक + अजवायन + काला भुना जीरा + भुनी हुई हींग की चूर्ण ( लोहे के तवे पर भुना हुआ ) अम्लता में आराम मिलता है ।
  9. अजवायन का चूर्ण शहद में मिलाकर लेने से बदहजमी दूर होती है ।
  10. सौंठ + काली मिर्च + पीपल को समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें तथा प्रतिदिन खाने के बाद सेवन करें । खाना जल्दी पचेगा ।
  11. भोजन के बाद अम्लता महसूस हो तो शहद में मुनक्का , हरड़ के पावडर को मिलाकर सेवन करने लाभ मिलेगा ।
  12. खाने के साथ मूली का सेवन करने से लाभ मिलेगा ।
  13. तुलसी की मंजरी + नीम की छाल + काली मिर्च + पीपल को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें । प्रातःकाल खाली पेट सादा पानी के साथ एक फाँक लें । पित्त दूर होगा ।
  14. अजवायन और नमक की फंकी गरम पानी के साथ लें । कब्ज दूर होगा ।
  15. प्याज + नीबू का रस निकालकर उसमें ( बराबर मात्रा में ) चार काली मिर्च का पावडर मिलाकर सेवन करने से अम्लता दूर होती है ।
  16. एक चम्मच खाने वाला सोडा और नीबू का रस पानी में मिलाकर रात को सोने से पहले लें । काफी आराम मिलेगा ।
  17. एक रत्ती हींग पानी में घोलकर पीयें ।
  18. एक तोला अदरक + कच्चा लहसुन की दो कली + आधा चम्मच काला नमक + आँवले का पावडर मिलाकर सादा पानी के साथ लेने से काफी आराम मिलता है ।
  19. अरबी के पत्तों के रस में भूना हुआ जीरे का चूर्ण मिलाकर खाने से पित्त की बीमारी दूर होती है ।
  20. करेले के पत्तों के रस में सेंधा नमक मिलाकर पीने से उल्टी होकर पित्त शांत हो जाता है ।
  21. 50 मि . लि . गौमूत्र में गुगूल तथा एरंड का तेल मिलाकर पीने से पित्त की शांति होती है ।
  22. यदि गर्मी की वजह से पित्त की शिकायत है तो एक कप मूली के रस मे मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होता है ।
  23. एक सादे पानी के गिलास में काली मिर्च और मिश्री मिलाकर पीने से पित्त ठीक होता है ।

पेट दर्द , अम्लपित्त का आयुर्वेदिक उपचार :-

  1. शंख , काला नमक , भुनी हुई हींग , सोंठ , कालीमिर्च तथा पीपल इन सब वस्तुओं को समभाग लेकर चूर्ण करें । 3 माशा चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से पेट के दर्द में लाभ होता है । अजीर्णजन्य शूल में यह विशेष हितकर है ।
  2. हरड़ , बहेड़ा , आँवला और राई – इन्हें समभाग लेकर चूर्ण करें । 6 माशा चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से लाभ होता है । यह कब्ज में विशेष हितकर है ।
  3. असली जवाखार को 1 माशा की मात्रा में गरम पानी के साथ हर घण्टे बाद देने से वृक – शूल अर्थात् गुर्दे के दर्द में शीघ्र लाभ होता है ।
  4. पिपरमेण्ट का फूल आधी रत्ती अथवा 1 रत्ती की मात्रा में पानी अथवा बताशे में डालकर खाने से पेट का दर्द दूर हो जाता है ।
  5. कागजी नीबू का रस 1 तोला , शहद 3 माशा तथा जवाखार 3 माशा – इन सबको मिलाकर पीने से हर प्रकार का भयङ्कर पेट दर्द भी दूर हो जाता है
  6. एक चुटकी हल्दी , एक चुटकी नमक मिलाकर खायें , ऊपर से एक बूंट पानी पी लें । पेट की हवा दूर होकर दर्द को आराम होगा ।
  7. एक चुटकी सौंफ , एक चुटकी अजवायन थोड़े पानी में पीसकर उस निकालें । इस रस को पीने से हर प्रकार का पेटदर्द ठीक होता है । एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर गर्म – गर्म पियें । दर्द ठीक हो जाएगा ।

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