पशुओं में पेचिश या खूनी दस्त (Dysentery) का होम्योपैथिक दवा

यह सामान्य दस्त से गंभीर होता है । जिसमें आंतों की म्युकस मेम्ब्रेन में सूजन हो जाती है । दस्त का इलाज न होने पर भी यह पेचिश में बदल सकता है । पेचिश अधिक गर्मी , बुखार , अचानक तेज सर्दी तथा सड़ा – गला चारा खाने , दुषित पानी पीने से , आदि कारणों से हो सकती है । सामान्य दस्त का उचित इलाज नहीं होने पर भी यह कभी – कभी खूनी दस्त में बदल सकता है ।

खूनी दस्त होने पर बार – बार म्यूकस मिला हुआ या आंतों की म्युकस मेम्ब्रेन के टुकड़े मिला हुआ , ब्लड मिला दस्त होता है तथा साथ में दर्द भी होता है । बार – बार दर्द के कारण रोगी पशु की कमर धनुष की तरह मुड़ सी जाती है ।

  • एकोनाइट ( Aconite ) – इसे एक्युट केस में दें जब दस्त के साथ बुखार भी हो । एकोनाइट को नक्स वोमिका के साथ एक के बाद दूसरी देने पर जल्दी फायदा होता है । इसकी चार – पांच डोज हर घंटे में दें ।
  • नक्सवोमिका ( Nuxvomica ) – प्रायः खूनी दस्त के साथ कब्ज भी होता है । एकोनाइट के साथ नक्स को एक के बाद एक दें । जब तक फीवर कम न हो जाय । जब बुखार हो तो इसे अकेला ही दे सकते हैं । इसे हर दो घंटे में दे लेकिन एक दिन से ज्यादा नहीं दें ।
  • मरक्युरिस कोर ( Mercurius Cor . ) – जब एकोनाइट तथा नक्सवोमिका से भी खूनी दस्त बंद न हो । दस्त के साथ म्युकस व ब्लड निकलना जारी रहे , दस्त के साथ बदबू भी आए तो मर्क कोर देवें । जब एनस के आसपास के भाग में सूजन सी हो जाय , दस्त के दौरान दर्द हो तो मर्क कोर फायदा करता है ।
  • कोलोसिन्थिस ( Colocynthis ) – यह सभी तरह की डिसेन्ट्री में लाभदायक है । इसे उस समय दें जब दस्त के साथ उबकाई सी हो , तेज कॉलिक हो तथा चिकना गोबर या मल निकलता हो , दस्त के साथ ब्लड या म्युकस निकलता हो । यह उस समय ज्यादा लाभकारी है जब दस्त के कारण तेज दर्द हो । कमर धनुष की तरह मुड़ सी गई हो । कमी बुखार तो कभी ठंड सी कंपकंपाहट होती है । इसे मर्क कोर के प्रयोग के बाद भी काम मे ले सकते है। इसे हर तीन घंटे मे दें।
  • हाइड्रेस्टिस ( Hydrastis ) – जब खूनी दस्त गंभीर हो , जब रेक्टम में अल्सर से घाव हो जाय , मवाद मिली हुई दस्त हो , मल या गोबर कम हो । ऐसा प्रायः लिवर रोग के साथ होने से भी होता है । इसके मदर टिंक्चर की डोज हर चार घंटे में1 देवें। इसी तरह मदर टिंक्चर को पतला कर एनिमा भी दे सकते हैं । पांच बूद हर चार घंटे तथा आधा ड्राम मदर टिंक्चर को सौ मिली . पानी में मिला कर एनिमा दें ।
  • आर्सेनिकम ( Arsenicum ) – जब कमजोर पशु खूनी दस्त के कारण ग्रस्त हो जाय , दस्त पतला बार बार , ब्लड मिला हुआ , हरा लाल या काला सा , बदबूदार दस्त , गैस भी निकलती हो , दस्त के साथ पेट दर्द हो तो आर्सेनिकम दें सकते हैं । इसे उस समय भी प्रयोग में ले सकते हैं जब त्वचा तथा शरीर के कुछ अंग जैसे पैर ठंडे पड़ गये हों । एक डोज हर दो घंटे में दें ।
  • सल्फर ( Sulphur ) – क्रॉनिक डिसेन्ट्री में सल्फर को मर्क कोर के साथ एक के बाद एक दें
  • बायोकेमिक दवाएं ( Biochemic ) – कैल्केरिया फॉस्फोरिका 3x , काली म्यूर 3x , काली फॉसफोरिकम 3x . फेरम फॉस्फोरिकम 12x , मैग्नेशिया फॉस्फोरिकम् 3x , नैट्रम फॉस्फोरिकम् 3x तथा नैट्रम सल्फ 3x इन सभी बायोकैमिक इवाइयों को मिलाकर देने से डिसेन्ट्री में काफी लाभ होता है ।

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