पशुओं के पेट मे किड़े का अचुक होम्योपैथीक दवा

पालतू पशुओं के आमाशय , छोटी आंत व बड़ी आंत में विभिन्न तरह के कीड़े या कृमि ( worms ) पाये जाते हैं जिनकी वजह से कई तरह के रोग पैदा हो जाते हैं । जैसे कब्ज , दस्त , कमजोरी , खून की कमी , शारीरिक वृद्धि में कमी , सुस्ती , दूध उत्पादन में कमी आदि ।

  • चायना ( China ) – जब कीड़ों के कारण भूख अधिक या एकाएक कम हो , गोबर में बदबू , काला गोबर पांच बूंद दिन में दो बार पांच दिन तक दें ।
  • सिना ( Cina ) – भूख कम या अधिक , कब्ज या दस्त , कमजोरी , पांच बूंद दिन में दो बार पांच दिन तक दें ।
  • मर्क सोल ( Mercurium Solubilis ) – छ : बूंद दिन में दो बार दें ।
  • आर्सेनिकम ( Arsenicum ) – यदि ऊपर वाली दवाइयां असर नहीं करें तो इसे दिन में दो बार दें ।
  • फिलिक्स मास ( Filix mas ) – यह टेपवर्म के लिए प्रभावी दवा है । छ : बूदें दिन में तीन बार दें ।
  • काली म्यूर ( Kali Mur ) – यह छोटे थेड वर्म के लिए प्रभावी दवा है । जब कुत्ते एनस को रगड़े तो इसे दिन में दो बार पांच दिन तक दें ।
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