नेजल ग्रेनुलोमा रोग का उपचार TREATMENT OF CATTLE NASAL GRANULOMA

Synonyms- Schistosomiosis , Snoring disease , नकड़ा रोग ये पैरासाइट पशुओं की नाक के अन्दर रहते हैं इससे सिस्टोसोमिएसिस होता है ।

नेजल ग्रेनुलोमा रोग का कारण क्या है । ETIOLOGY OF NASAL GRANULOMA

ETIOLOGY – Parasite – Schistosoma nasalis , S. bovis .

इस पैरासाइट में सिस्टोसोमा वंश के अन्य पैरासाइट्स की तरह नर व मादा अलग – अलग होते हैं । ये धागेनुमा 5-11 मिमी . लम्बाई के होते हैं तथा पशुओं की नाक में म्युकस मेम्ब्रेन के नीचे रक्त शिराओं ( veins ) में रहते हैं । प्रायः यह रोग भेड़ , बकरी , घोड़ों व गाय , मैंस में पाया जाता है । भारत में इन पशुओं में सिस्टोसोमा पैरासाइट बहुतायत से पाया जाता है । मनुष्य में इस रोग से त्वचा में लक्षण प्रकट होते हैं ।

LIFE CYCLE

पैरासाइट की एक अवस्था Indoplanorbisexustus घोंघे ( snail ) में पूरी होती है । इन घोंघों में रहकर पैरासाइट ” सरकेरिया ” अवस्था के रूप में बाहर निकलते हैं और इधर – उधर घास से चिपके रहते हैं । पशुओं के चरने के दौरान ये पैरासाइट पशु की त्वचा के सम्पर्क में आते ही त्वचा में घुस जाते हैं । पशु की ब्लड बैसल्स के जरिए ये उसके नाक तक पहुँच जाते हैं ।

ब्लड वैसल्स में ये नर व मादा परजीवी बन जाते हैं । मादा बड़ी संख्या में अड़े देती है । ये अंडे नेजल डिस्चार्ज या गोबर के साथ बाहर आते हैं । इन अंडों से निकली मिरासीडिया अवस्थाऐं उपयुक्त्त वंश के घोंधों की तलाश कर घुस जाते हैं । घोंघों से सरकेरिया अवस्था बाहर निकल कर पशुओं के शरीर में पहुंचती है ।

Parasite in the veins of nasal mucosa → Marked rhinitis with mucopurulent nasal discharge → Mucosa show much fibrous and proliferative epithelium .

और पढ़ें – भारतीय पशुओं की प्रमुख नस्लें ।Breeds Of Indian Animals

नेजल ग्रेनुलोमा का लक्षण क्या है । SMPTOMS OF NASAL GRANULOMA

  • जुकाम , बार – बार छींके आना तथा मवाद सा म्युकोपुरूलेन्ट डिस्चार्ज ।
  • नाक की म्युकस मेम्ब्रेन में सूजन तथा छोटी – छोटी abscesses बन जाना ।
  • छोटी – छोटी गांठों से नाक के मार्ग में रूकावट , सांस में तकलीफ , घर – घर की आवाज । आवाज के कारण इसे snoring disease भी कहते हैं ।
  • गाय , भैंसों में दूध कम हो जाता है , बैचेन व सुस्त रहता है , कमजोर हो जाता है ।

नेजल ग्रेनुलोमा का डायग्नोसिस कैसे करें । DIAGNOSIS OF NASAL GRANULOMA

  • Symptoms के आधार पर ।
  • discharge or faecal exam

नेजल ग्रेनुलोमा का उपचार । TREATMENT Of NASAL GRANULOMA

  1. Anthiomaline – ( Lithium antimony thiomalate 6 % sol . ) Cattle – 20ml deep I / M , Horse – 15-20 ml I/M सप्ताह में एक तथा कुल दो या तीन इंजेक्शन लगाएं ।
  2. Tar – tar ermetics- 1-2 % sol – 2 mg / kg b.wt. -1.5gm for 6days 2.5gm , 1.2 % sol . , alternate days .
  3. Sodium antimony tartrate – 2 mg / kg b.wt. in 10 % Dextrose , I / v दिन में दो बार दो दिन तक ।
  4. Antimosan – 1.7 mg / kg b.wt. for 6 days .

इसे पढ़ें – नवजात पशु बछड़े को होने वाली नाभि रोग का उपचार । TREATMENT OF NAVEL ILL

Leave a Reply

Your email address will not be published.