नहाने का स्वेदशी हर्बल साबुन घर पर बनायें इन 2021

हम आपको इस लेख के माध्यम से पतंजलि जैसे हर्बल स्वेदशी साबुन बनाने के 4 फार्मूले बताया है।

फार्मूला – 1

सामग्री :-

1. नारियल तेल ( खुला ) – 1 किलो ग्राम 250 ग्राम

2. कास्टिक पोटाश _ 250 ग्राम

3. चने का बेसन – 250 ग्राम

4. पानी 250 ग्राम – 1 लीटर

5. रंग ( तेल में घुलने वाला ) – 2 ग्राम ( 1 चुटकी )

6. सेंट ( इच्छानुसार ) – आवश्यकतानुसार

विधी:-

1. प्लास्टिक के बर्तन में 1 लीटर पानी में 250 ग्राम कास्टिक पोटाश डालकर लकडी से अच्छी तरह चलाकर घोले । इस घोल को लेई कहते हैं । इस घोल को 5-6 घंटे डिस्चार्ज ( ठण्डा ) होने के लिए छोड़ दें ।

2. दूसरे बर्तन में 1 किलो तेल 250 ग्राम बेसन डालकर अच्छी तरह मिलाए , ताकि तनिक भी गाँठ न रहे ।

3. 5-6 घण्टे तक ठण्डा हो जाने पर कास्टिक पोटाश के घोल की धीरे – धीरे तेल बेसन के घोल में डालकर लकड़ी के डंडे से मिलाकर तेजी से घुटाई करते जाएं । यह घोल धीरे – धीरे गाढ़े पेस्ट में बदलता जाएगा । घुटाई सामान्यतः 4-5 मिनट तक की जाए । जितनी घुटाई की जाएगी , उतना ही अच्छा साबुन बनेगा । यह कार्य 2 व्यक्ति मिलकर अच्छा तरह कर सकते है ।

4. साबुन पेस्ट को अब लकड़ी के साँचे अथवा बर्तन में जिसमें साबुन को जमाना है , भर दें तथा 10-12 घण्टे के लिए छोड़ दें । जमने के बाद निर्धारित साईज की टिकिया बनाएं और पैकिंग करें ।

फार्मूला – 2

सामग्री :-

1. सोयाबीन तेल – 500 ग्राम

2. नारियल तेल – 500 ग्राम

3. कास्टिक सोड़ा – 100 ग्राम

4. घुलनशील रंग – आवश्यकतानुसार

5. ग्लिसरीन – 10 ग्राम

6. सुगंध – 5 ग्राम

विधि:-

1. सबसे पहले सोयाबीन व नारियल के तेल को एक में मिलाकर कड़ाही मे गुनगना गरम करें ।

2. इसके बाद 1 ली . पानी में कास्टिक सोडा मिलाकर इसे तेल में मिलाते हुए घोंटते जाएं । पानी ज्यादा हो तो नमक का छिडकाव करें , इससे साबुन पेस्ट और पानी अलग – अलग हो जाएंगे ।

3. साबुन पेस्ट अलग निकालकर इसमें रंग , ग्लिसरीन व सुगंध मिलाकर प्लास्टिक डिब्बे में रख दें । तीन दिन में साबुन जम जाएगा ।

4. अब तार से कटिंग करके डाई के जरिए मनचाहा आकार दीजिए ।

सावधानियाँ :-

1. कास्टिक पोटाश अथवा इसके घोल को हाथ से न छुएं ।

2. कास्टिक पोटाश को खुला न छोड़े ।

3. एल्यूमीनियम या अन्य धातु के बर्तन का प्रयोग न करें । कास्टिक पोटाश के घोल को कम से कम 5-6 घण्टे ठण्डा होने के बाद ही बेसन के घोल में साबुन बनाने हेतु मिलाएं । गर्म में मिलाने से घोल फट सकता है और साबुन खराब हो सकता है । जमने में भी दिक्कत हो सकती है ।

4. यदि कास्टिक पोटाश उपलब्ध नहीं होता है तो इसके स्थान पर 175 ग्राम से 200 ग्राम तक कास्टिक सोडा भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं । ऐसी स्थिति में 50 ग्राम ग्लिसरीन भी इस्तेमाल की जाती है । गाढ़ा पेस्ट बन जाने पर ग्लिसरीन धार से डालकर पेस्ट में मिक्स की जाती हैं ।

फार्मूला – 3

(नहाने का गोमय साबुन)

सामग्री :-

1. नीम तेल – 20 किलो

2. खोपरा तेल – 1 किलो

3. मुल्तानी मिट्टी – 16 किलो

4. गेरू – 4 किलो

5. कास्टिक सोडा – 2 किलो

6. सिलीकेट – 8 किलो

7. गौमूत्र तथा गोबर रस – 20 किलो

विधी :-

1. सर्वप्रथम नीम तथा खोपरे का तेल गुनगुना गर्म करें ।

2. अब इसमें थोड़ी – थोड़ी मात्रा में कास्टिक सोड़ा डालते हुए घोंटते जाइए ।

3. इसके बाद इसमें गौमूत्र तथा गोबर का रस मिलाकर मुल्तानी मिट्टी व गेरू पाउडर मिलाइए ।

4. सबस अंत में सिलीकेट मिलाकर अलग बर्तनों में जमा दीजिए ।

5. साबुन जम जाने पर तार से कटिंग करके पैकिंग कर लें । यह त्वचा के लिए बहुत ही उम्दा साबुन है ।

फार्मूला – 4

(नहाने का हर्बल साबुन)

सामग्री :-

1. मुल्तानी मिट्टी – 1 किलोग्राम

2. आँवला ( सूखा ) – 100 ग्राम

3. नीम की हरी पत्तियाँ – 100 ग्राम

4. दही का मट्ठा – 250 ग्राम

5. नींबू का रस – 100 ग्राम

6. रीठा – 50 ग्राम

7. हल्दी – 25 ग्राम

8. सुंगध – आवश्यकतानुसार

विधी :-

1. मुल्तानी मिट्टी को इमामदस्ते में बारीक कूटकर छान लें ।

2. 100 ग्राम नीम की पत्ती को 500 ग्राम पानी में उबालकर छान लें ताकि लगभग 400 ग्राम पानी प्राप्त हो जाये ।

3. 100 ग्राम आँवले को तैयार नीम के पानी में 12 घण्टे भिगोकर रख दें । तत्पश्चात् अच्छी तरह मथकर तथा छानकर आँवला पानी तैयार करें ।

4. 50 ग्राम रीठा को 100 ग्रम पानी में 12 घण्टे भिगोकर रख दें । तत्पश्चात् अच्छी तरह मथकर तथा छानकर रीठा झाग पानी तैयार करें ।

5. आँवले के पानी , रीठा झाग पानी को एक जगह मिला दें । इस घोल में मठ्ठा ( अच्छई तरह मथी हुई दही ) तथा हल्दी को डालकर अच्छी तरह मिला दें ।

6. तैयार घोल को मुल्तानी मिट्टी के साथ गूंथकर रख दें । 4-5 घण्टे बाद मिट्टी में 100 ग्राम नींबू का रस तथा रुचि के अनुसार सुगंधि डालकर पुनः अच्छी तरह गुँथाई करें ।

7. उपरोक्त तैयार सामग्री साँचे में डालकर अथवा हाथ से साबुन सूखने में मौसम के अनुसार 3 से 6 दिन तक लग जाता है ।

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