धूप या लू लगने ( Sun Stroke ) पर प्रयोग करें इन होम्योपैथीक दवाओं को

गर्मी के मौसम में तेज़ धूप व गर्म हवा लगने ( लू ) के कारण सिर दर्द व घबराहट हो जाती है । रोगी को तेज़ बुख़ार ( कभी १०५ डिग्री से भी अधिक ) हो जाता है । ऐसे में रोगी के सिर पर ठण्डे पानी की पट्टी करें ( जब तक बुखार १०२ डिग्री तक न आ जाए ) ।

  • सिर में चक्कर , बुख़ार व घबराहट । – गलोनॉइन ६ या ३० , हर आधे घंटे बाद
  • माथा तेज़ गर्म , आंखें लाल , व तेज़ बुख़ार । – बैलाडोना ६ या ३० , हर आधे घंटे बाद
  • बुख़ार तेज़ , चुपचाप पड़े रहने की इच्छा , प्यास न हो । – जल्सेमियम ६ या ३० , हर आधे घंटे बाद
  • गर्मी में जी घबराए व सिर दर्द बढ़े । गर्मी के मौसम में अधिक गर्मी या धूप के कारण कमज़ोरी लगे लू लगने के परिणाम स्वरूप । – नैट्रम कार्ब ६ या ३० , हर आधे घंटे बाद
  • दिन में ११-१२ बजे रोग ज़्यादा ( सिर दर्द , बुखार ) हो । पसीना आने से आराम आए । – नैट्रम म्यूर 6 या ३०, हर आधे घंटे बाद
  • लू लगने के कारण तेज़ बुखार , छाती व माथे में रक्त संचय । रोगी ठंडा होने लगे । शरीर के सभी अंगों में नब्ज फड़कें । नब्ज़ अचानक ही सामान्य से अधिक हो और धीरे – धीर सामान्य से कम हो जाए । – विरेट्रम विर 3X या ६ , हर १५ मिनट बाद

गर्मियों में धूप से बचें , कच्चे आम का पन्ना व प्याज़ खाना लाभप्रद है । सिर व शरीर को धूप में ढक कर रखें । शरीर में पानी की कमी न होने दें – खूब पानी पिएं ।

आग से जलने ( Burns ) अपनाये ये दवाएं. अगर आपको भी होती है यात्रा के दौरान उल्टी ( Travel Sickness ) तो अपनाएं ये होम्योपैथिक दवाएं

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