दर्दे दिल ❤️ (Angina Pectoris) की दवा सिर्फ होम्योपैथिक है

यह दर्द दिल के अंदर के विकार के कारण नहीं , बल्कि मांस पेशियों व स्नायुमंडल में हुई गड़बड़ी के कारण होता है । ज्यादा शराब के सेवन से , मानसिक परेशानियों , बीड़ी – सिगरेट , वात रोग , आदि , से भी हो सकता है । दिल में एकाएक दर्द उठ कर छाती के सामने वाले भाग , बायें कन्थे , व बाजू तक फैल जाता है । सांस जल्दी- जल्दी आने लगता है , घबराहट , पसीना , बेहोशी तक हो जाती है । समय पर ठीक उपचार न मिलने पर रोगी की मृत्यु तक हो सकती है ।

  • सांस की कठिनाई के साथ हृदय में दर्द जो सुबह के समय अधिक हो । संभोग के बाद , उत्तेजना , परिश्रम , प्यार में निराशा , हाथों को ऊपर करने से बढ़े । :- डिजिटेलिस ६ या ३० , दिन में ३ बार
  • हृदय में दर्द ; उठने से , मासिक के दौरान बढ़े । चक्कर आएं । :- कोनियम ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • जागने से दिल में दर्द हो , साथ में सांस लेने में कठिनाई हो । खांसने , मेरुदण्ड को छूने एवम् नींद से जागने के बाद रोग बढ़े । :- टैरेन्टुला सी . ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • हृदय में दर्द जो दोपहर बाद , एवम् भावुक होने से बढ़े ; डकारें आने से आराम आए । :- थूजा ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • हृदय में दर्द जो जगह बदले और बाए हाथ तक फैले , शाम को एवम् लेटने से बढ़े ; धीरे – धीरे चलने से आराम आए । :- पल्साटिला ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • हृदय में दर्द जो बाए हाथ , कंधे एवम् गुद्दी तक फैले , रात के समय एवम् गाड़ी में सफर करने से बढ़े , रोगी सिर्फ बांए करवट ही लेट सके । :- नाज़ा ०/३ या अधिक , दिन में ३ बार
  • हृदय में दर्द के साथ – साथ डिंब कोशिकाओं में भी दर्द हो , हाथ से दवाब डालने से आराम आए । :- लोरोसिरेसस ३० , दिन में ३ बार
  • हृदय में दर्द के साथ – साथ सांस लेने में कठिनाई हो । रोगी कमर के बल लेटने से आराम महसूस करे । :- सोराइनम ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • बेहोशी के साथ हृदय में दर्द एवम् सांस लेने में तकलीफ , दर्द काँख एवम् कमर तक फैले , पीठ के बल लेटने से आराम आए । मासिक के पहले व दौरान , दवाब व हिलने – डुलने से रोग वृद्धि । :- कैक्टस जी . Q या ६ , दिन में ३ बार
  • हृदय में दर्द जो जगह बदले और पेट के बांए तरफ तक फैले और संधिवात ( rheumatism ) के साथ अदल – बदल कर हो साथ में सांस लेने में कठिनाई हो । :- कालमिया लैट ३० या 200 , आवश्यकतानुसार
  • हृदय का दर्द व बच्चेदानी ( गर्भाशय ) में दर्द अदल – बदल कर हो जो आगे झुकने से , खाने के बाद , परिश्रम से बढ़े व दाएं हाथ तक जाए । :- लिलियम टिग ३० , दिन में ३ बार
  • हृदय में दर्द ठंड से बढ़े । रोगी ठण्डी प्रकृति का हो । :- कैल्केरिया कार्ब ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • हृदय में दर्द जो दुख , दाईं तरफ लेटने , मासिक के दौरान व बाद में बढ़े , बाएं हाथ तक जाए । :- लैकेसिस ०/३ या दिन में ३ बार
  • हृदय में दर्द श्वास अंदर लेने व चलने से , बाई करवट लेटने से रोग वृद्धि । गर्म पानी पीने की तीव्र इच्छा व पीने से राहत मिले । दाई करवट सिर ऊंचा करके लेटने से आराम । :- स्पाइजिलिया ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • हृदय में दर्द लेटने व मासिक से पहले बढ़े । :- स्पंजिया ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • गद्दी ( seat ) से उठने पर हृदय में दर्द हो । :- जल्सेमियम ३० , दिन में ३ बार
  • पेशाब करने के पहले , दौरान , एवम् बाद में हृदय में दर्द हो । :- लिथियम कार्ब ३० , दिन में ३ बार
  • संधिवात का दर्द जो एक जोड़ से दूसरे जोड़ में जगह बदलता रहे और अन्त में दिल में स्थित हो जाए । सीढ़ियां चढ़ने से रोग वृद्धि । :- ऑरम मैट ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • हृदय में दर्द ( खासकर फाड़ने का सा ) जो बांई काँख , बाँह , एवम् अंगुलियों तक फैले । :- लैट्रोडेक्टस मार . ६ या ३० , आवश्यकतानुसार
  • दिल में ऐंठन का सा या डंक लगने जैसा दर्द जो पेट तक जाए । चलने से रोग वृद्धि । :- लाइसिन २०० , आवश्यकतानुसार
  • जब हृदय की गति बहुत तेज़ हो । बाईं ओर घूमने से हृदय में सुई चुभने जैसा दर्द हो । :- आइबेरिस Q या ६ , अवश्यक्तानुसार
  • जब साथ में दर्द बाई कोहनी में भी हो । रोगी कहे कि उसे कोई परेशानी नहीं है । :- आर्निका मोन्ट ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • जब पेट में वायु के दबाव के कारण हृदय दर्द हो । रोगी खुली हवा या पंखा कराना चाहे । :- कार्बो वेज ३० , दिन में 3 बार
  • दर्द हृदय की मांसपेशियां कमज़ोर होने के कारण । :– स्ट्रोफैन्थस Q या ६ , आवश्यकतानुसार
  • बायोकैमिक औषधि : – मैग्नेशिया फोस 6X.
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें (immunity booster things). अब सुंदर दिखे होम्योपैथिक के साथ (Some beauty tips in homeopathic)

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