जामुन के चमत्कारी फायदे

फलों का राजा बेशक आम है , लेकिन स्वास्थ्यवर्धक गुणे के कारण फलों के राजा का ताज काले , खट्टे – मीठे जामुन को मिला है । विदेशी वैज्ञानिकों ने शोध से साबित कर दिया है कि 20 सर्वाधिक चर्चित फलों में जामुन सबसे ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक फल है ।

डॉ . डेरेक स्टीवर्ट द्वारा किये गये शोध में यह सामने आया है कि जामुन में सेब , स्ट्राबेरी , आम और केले से भी ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक गुण होते हैं । इससे पूर्ण पोषण मिलता है । जामुन में उच्चस्तरीय एंटी ऑक्सीडेन्ट जो प्राकृतिक कंपाउन्ड होते हैं , न सिर्फ शरीर में चुस्ती – फुर्ती लाते हैं , बल्कि हृदय संबंधी बीमारियों में भी लाभदायक होते हैं । यहां तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी में भी जामुन चमत्कारिक रूप से असर करता है ।

राष्ट्रीय पोषण संस्था हैदाराबाद के अनुसार “ जामुन विटामिन खनिज तत्वों से भरपूर है । ” इसके अलावा केरोटीन , यायमिन , रोबोप्लेविन एवं नियासिन जैसे विटामिन तथा कैल्शियम , फास्फोरस आदि खनिज तत्व भी होते हैं ।

जामुन का फल कसैला , मधुर , शीतल , रुचिकारक , रूक्ष मल को रोकने वाला , वातवर्द्धक तथा कफ – पित्त एवं आफरा को नष्ट करने वाला है । जामुन यकृत व प्लीहा के समस्त दोषों को नष्ट करने में सर्वोपरि है । इसका सेवन करने से दाँतों व मसूढ़ों की समस्त व्याधियाँ नष्ट होकर उनमें दृढ़ता आती है , दाँत मोती के समान चमकदार व स्वच्छ हो जाते हैं । पूरे मौसम में जामुन खाने से पाचन शक्ति तीव्र होती है व कब्ज से छुटकारा मिलता है। जामुन खाने से खून साफ होता है। पता चल रोग में भी लाभ मिलता है।

औषधीय उपयोग :

  • जामुन की गुठली का चूर्ण 2 ग्राम की मात्रा प्रात : काल लेने पर मधुमेह रोग में काफी लाभ मिलता है इसका एक सप्ताह तक प्रयोग करने के बाद पुन : जांच करा लेनी चाहिये । यदि खून में शक्कर की मात्रा सामान्य हो जाये तो यह प्रयोग बंद कर दें ।
  • जिन लोगों को बार – बार पेशाब लगती है उन्हें जामुन की छाल का चूर्ण दिन में एक या दो बार 2 ग्राम की मात्रा पानी के साथ सेवन करना चाहिए ।
  • जामुन का फल पेट के रोगियों के लिये रामबाण है । यह यकृत की गड़बड़ी को शीघ्रता से खत्म कर देता है । जिन व्यक्तियों को भूख कम लगती है उन्हें जामुन का पूरे मौसम में नियमित सेवन करना चाहिये । प्रतिदिन काले नमक के साथ जामुन अवश्य खायें । नमक से इसके स्वाद में बढ़ोतरी हो जाती है ।

सावधानियाँ :

  • जामुन सीमित मात्रा में खायें अधिक नहीं खायें तथा खाली पेट भी नहीं खायें ।
  • जामुन खाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिये ।

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