दादी माँ के नुस्खे

  • यदि कान में कीड़ा चला जाए तो कान में सरसों का तेल भर दें , कीड़ा बाहर आ जाएगा ।
  • होठों पर कच्चा दूध लगाने से होठों का कालापन दूर होगा ।
  • आंख में मच्छर चला गया हो तो उल्टे पांव पीछे की तरफ चलना शुरू कर दें , मच्छर निकल जाएगा ।
  • दाद पर कच्चे पपीते का रस लगाने से दाद और खुजली कुछ ही दिनों में ठीक हो जाएगी ।
  • जल जाने पर तारपीन का तेल लगाने से जलन कम हो जाती है ।
  • गुलकन्द का सेवन करने से एसिडिटी में लाभ होता है ।
  • दो ग्राम भुनी फिटकरी रात को मुंह में रखकर सोने से तीन – चार माह में तुतलाहट कम होगी ।
  • गर्म दूध में हल्दी डालकर पीने से पुरानी खांसी ठीक हो जाती है ।
  • अदरक का रस और शहद मिलाकर लगाने से दांत का दर्द ठीक हो जाता है ।
  • प्रातः शौच जाने से पहले रात का बासी पानी तांबे के बर्तन वाला रोजाना पिया जाए तो कब्ज दूर होती है और स्वप्नदोष में फायदा करता है ।
  • दिल की धड़कन बढ़ जाने पर सेब का मुरब्बा प्रातः खाने से लाभ होता है ।
  • ब्राह्मी के पत्ते महीन पीसकर सुबह – शाम चार – चार रत्ती दूध के साथ लेने से स्वप्नदोष व प्रमेह रोग ठीक होता है तथा पेशाब भी खुलकर आता है ।
  • चेहरे पर झाई होने पर तारपीन का तेल मलकर कुछ देर बाद धो दें ।
  • नाक में कोई चीज फंस जाए तो तम्बाकू पीसकर सूंघने से छींक के साथ चीज बाहर आ जाएगी ।
  • खाना खाने के बाद फौरन उठकर पेशाब कर लेने से धात ( जिरयान ) की बीमारी नहीं होगी ।
  • यदि बच्चा रात में बिस्तर में पेशाब करता है तो एक अखरोट की गिरी व किशमिश रात को सोने से पूर्व दस दिन तक खिलाएं या एक सूखा छुआरा प्रातः खाली पेट दें ।
  • छोटे बच्चे को सर्दियों में धूप में लिटाएं तो मुंह पर छाया कर दें , वरना सूरज की चमक से बच्चे अन्धे हो जाते हैं ।
  • छोटे बच्चों को होने वाले हरे – पीले दस्त में मां के दूध में जायफल घिसकर देने से लाभ होता है ।
  • पपीते की जड़ छः ग्राम पीसकर दस ग्राम पानी में घोलकर छान लें । इस प्रकार पानी को नित्य पीने से पथरी दो दिन में गलकर बह जाएगी ।
  • संतरे के रस में नमक व कालीमिर्च डालकर प्रतिदिन पीने से कुछ समय बाद नजर की कमजोरी दूर होती है ।
  • सूर्यग्रहण की तरफ देखने से नजर कमजोर हो जाती है और कई आदमी अन्धे भी हो जाते हैं ।
  • सुबह के वक्त किसी चीज को पकड़कर लटककर कुछ देर तक झूलने से कद लम्बा होता है । कम से कम 1 साल तक रोजाना करना चाहिए ।
  • कान में कीड़ा घुस जाए तो गर्म पानी में थोड़ा – सा नमक डालकर कान में डालें और कान को उल्टा कर दें । कीड़ा मर कर बाहर निकल जाएगा ।
  • एक गिलास मीठे दूध में पांच ग्राम बेलगिरी का चूर्ण मिलाकर पीने से खून बढ़ता है तथा शरीर में खून की कमी दूर होती है ।
  • भूलवश किसी ने कांच खा लिया हो तो उबले हुए आलू खिलाओ ।
  • मछली का कांटा अगर गले में फंस जाए तो केला खा लें ।
  • हिचकी बंद न हो तो पोदीना के पत्ते या नींबू का रस चूसिये ।
  • हरा धनिया कूटकर उसका पानी निचोड़कर 25 ग्राम पिलाने से उल्टी रुक जाती है । इसको गर्भवती भी पी सकती है ।
  • काला या पीला ततैया डंक मार जाए तो मूली काटकर उस पर रख दें या मूली का पुराना पानी रूई में भिगोकर डंक वाली जगह पर रखें । दर्द को आराम होगा , बच्चों के काटने पर भी लगा सकते हैं ।
  • असली शहद 50 ग्राम , दही सौ ग्राम में मिलाकर रोजाना सुबह तक सालभर तक खाने से सेहत बनती है और शरीर मोटा होता है , दिमागी कमजोरी दूर होती है , झाईयां – मुंहासे दूर होते हैं और चेहरे का रंग साफ होता है ।
  • पीली मिट्टी को महीन पीसकर पानी के साथ लेप बनाकर पेडू पर लेप करने से रुका हुआ पेशाब खुलकर आता है ।
  • बच्चों की सांस चलने , पसली में दर्द होने पर , पान पर सरसों का तेल हल्का सुहाता गरम कर दर्द वाले स्थान पर बांधने से लाभ होता है ।
  • पान में खाने का चूना व गेरू लगाकर बांधने से बालतोड़ ठीक हो जाता है ।
  • अनार का छिलका पीसकर पानी के साथ सेवन करने से स्वप्नदोष दूर होगा ।
  • निबू के रस में एक जायफल पीसकर खाने से दस्त खुलकर होता है ।
  • टमाटर का रस चेहरे पर लगाने से दाग – धब्बे दूर होते हैं ।
  • पेट में किसी भी प्रकार का जहर चला गया हो तो एक ग्राम राई का चूर्ण पानी में घोलकर पिलाने से उल्टी के द्वारा जहर बाहर आ जाता है ।
  • नीम तथा बेर के पत्ते पीसकर सिर में रगड़कर कुछ देर बाद धोने से बाल लम्बे होते हैं ।
  • गुलाब के इत्र की एक – दो बूंद कान में डालने से कान का दर्द दूर होता है ।
  • आंख की पुंसी पर लौंग घिसकर लगाने से फुसी दब जाती है ।
  • कच्चे आम के छिलकों का काढ़ा बनाकर रख लें । पेट में कीड़े होने पर एक चम्मच भर एक – दो दिन पिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं ।
  • तीन ग्राम कलौंजी पीसकर एक ग्राम मक्खन में मिलाकर चाटने से हिचकी दूर हो जाती है ।
  • आग से जल जाने पर उस जगह पर शहद लगाने से फफोले नहीं पड़ते हैं ।
  • लौंग का उबला हुआ पानी पीने से बार – बार लगने वाली प्यास कम हो जाती है ।
  • अगर पैदा होने वाले बच्चे को पेशाब न आए तो 6 ग्राम कलमी शोरा थोड़े पानी में घोलकर उसमें रुई भिगोकर बच्चे के मसाने पर रख दें । पांच मिनट के बाद पेशाब कर देगा ।
  • मोर के पंख बच्चे के गले में बांधने से बच्चे का दांत चबाना बन्द होता है , बच्चा रात को डरता नहीं है ।
  • चूरन हाजमा : -अजवायन , काली मिर्च , सौंठ , नमक लाहौरी , जीरा – सफेद , मोटी इलायची , नौसादर , धनिया , पोदीना , सब 10-10 ग्राम , लौंग 3 ग्राम काला नमक 10 ग्राम सबको बारीक करके खुराक वजन 3 ग्राम ताजा पानी से या वैसे ही खाने से गैस , पेट दर्द ठीक करके खाना हजम करेगा ।
  • पायरिया नाशक दन्त मन्जन : -पीली पत्ती वाला तम्बाकू सौ ग्राम तवे पर डालकर हल्की आग पर चम्मच से हिलाते रहें , जब धुआं देना बंद हो जाए तो तवे से हटाकर बारीक पीस लें । 15 ग्राम लाहौरी नमक , 5 ग्राम काली मिर्च पीसकर मिला लें । रोजाना , मलने से खून , पीय आना बन्द हो जाता है ।

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