मवेशियों में सर्दी जुकाम (Common Cold Or Catarrh) का होम्योपैथिक दवा

सर्दी जुकाम से नाक की म्युकस मेम्ब्रेन में सूजन आ जाती है । पशु को बार बार छींके आती हैं , नाक से पतला स्त्राव बहता है , बुखार हो जाता है , आंखों से पानी बहता है , नाक लाल होकर सूजन आ जाती है , खांसी भी हो जाती है ।

  • एकोनाइट ( Aconite ): यह जुकाम की शुरूआती अवस्था में उपयोगी है । जब फीवर और कंपकंपी हो , नाक व आंखों में सूजन हो , नाक से पानी बहता हो । पांच बूंद हर घंटे सात आठ डोज देवें ।
  • ब्रायोनिया ( Bryonia ) : जब नाक से पतला स्त्राव कम हो , गले में खराश हो , सांस लेने में तकलीफ हो , सूखी दर्दयुक्त खांसी हो , नाक में सूजन हो , नाक में सूखी म्युकस जमा हो तो ब्रायोनिया चार बूंद दिन में तीन बार दें ।
  • डल्कामारा ( Dulcamara ) : जब सर्द माहौल की चपेट में आने के बाद नम माहौल से जुकाम हो , पशु सुस्त हो , जीभ के ऊपर चिपचिपे पदार्थ की परत जम गई हो , दिन में तीन बार दें ।
  • आर्सेनिकम ( Arsenicum ): जब अधिक ठंडा पानी पीने से जुकाम हो , नाक से पतला डिस्चार्ज हो , सांस में तकलीफ , छींके आती हो , सूखी खांसी हो तो छ : बूंद दिन में दो बार दें ।
  • रस टोक्स ( Rhus Toxicodendron ) : जब नाक में काफी म्युकस जमा हो लेकिन बहता नहीं हो , इसके कारण नाक में रूकावट से सांस में तकलीफ हो , बैचेनी हो , बार बार छींके आती हो तो रस टोक्स चार बूंद दिन में तीन बार दें ।
  • पल्साटिला (pulsatilla) : नाक से हरा पिला बदबूदार डिसचार्ज हो, छींके हो तो दस बुंद तीन बार दें।
  • पशुओं को भूख न लगना ( ANOREXIA ) का होम्योपैथीक दवा. पशुओं में पेचिश या खूनी दस्त (Dysentery) का होम्योपैथिक दवा

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