खसरा और चेचक का होम्योपैथिक उपचार।

  • खसरा ( रोग – निरोधी ) – मॉरबिलिनम 30 की एक खुराक रोजाना दें ।
  • खसरा ( रोग – निरोधी ) – पल्सेटिला 30 सुबह और एकोनाइट 30 शाम के समय आठ – दस दिनों तक खाएँ ।
  • खसरा और लाल बुखार , जब फोड़े नहीं होते , चेहरा ठंडा और नीला , लेकिन बच्चा कुछ ओढ़ाए जाने की इच्छा प्रकट नहीं करता- कैफर 30 दिन में तीन बार ।
  • खसरा , जब नजले के लक्षण हावी हो जाते हैं , प्यास न लगना- पल्सेटिला -30 दिन में तीन बार ।
  • खसरा , खाँसी के बाद – स्क्विला 30 दिन में चार बार ।
  • खसरा – आर्सेनिक एल्बम -6 दिन में तीन बार ( अच्छा रोग – निरोधी भी और उपचार भी ) ।
  • खसरा , भूरा , रोगी ठंड महसूस करता है और उसे प्यास नहीं लगती- जेलसीमियम 30 हर चार घंटे पर या स्क्विला 30 दिन में चार बार ।
  • खसरा , जब फोड़े धीरे – धीरे उभरते हैं- सल्फर 30 दिन में तीन बार ।
  • खसरा , तिक्त आँसू और हलका जुकाम- यूफ्रेजिया 30 दिन में तीन बार ।
  • खसरा , सीने में संकुचन , सूखी खाँसी , खाँसी के दौरान हृदय और सीने में दर्द- ब्रायोनिया -30 दिन में चार बार ।
  • खसरे के लिए रोग – निरोधी – मॉरबिलिनम 200 की दो सप्ताह में एक खुराक या पल्सेटिला -30 दिन में तीन बार ।
  • खसरे के लिए रोग – निरोधी पेरोटाइडिनम -200 दो सप्ताह में एक बार ।
  • चेचक के लिए रोग – निरोधी – वेरियोलीनम -200 दो सप्ताह में एक बार या वैक्सीनम -200 दो सप्ताह में एक बार ।
  • डिप्थीरिया के लिए रोग – निरोधी – मरक्यूरियस सिएनेटस 200 एक या दो खुराक पर्याप्त हैं ।
  • फुंसियाँ निकलना ( चिकन पॉक्स , स्मॉल पॉक्स ) , नीला – लाल चिह्न छोड़ जाती हैं एंटीमोनियम टार्ट -30 दिन में तीन बार ।
  • चेचक ( रोग – निरोधी ) – मेलानड्रिनम 200 की एक खुराक सुबह और एक खुराक शाम के समय या वैक्सीनम -200 की एक खुराक ।
  • चेचक , लक्षणों को समाप्त करने , अवधि को कम करने और प्रभावों को मंद करने के लिए हाइड्रास्टिस केनार्डेसिस 30 हर छह घंटे पर ।
  • चेचक , जटिलताएँ और उनमें मवाद- कैल्केरिया सल्फ -6 दिन में तीन बार ।
  • चेचक , द्रव से भरा हुआ क्लोरम -6 दिन में तीन बार ।
  • चेचक , धब्बे नीले रंग के हो जाते हैं- एलेंथस -6 दिन में दो बार ।
  • चेचक , टीके के दुष्प्रभाव – थुजा ओसी -30 दिन में तीन बार ।
  • चेचक , नजला और गैस्ट्रिक के लक्षणों के साथ – एंटीमोनियम टारटेरिकम 30 दिन में तीन बार ।
  • चेचक , नजला और कब्ज- हाइडास्टिस केनाडॅसिस 30 हर छह घंटे पर ( बाहरी इस्तेमाल के लिए जलीय सॉलूशन ) ।
  • चेचक , फोड़ों को समाप्त करने और नियंत्रित करने के लिए सेरासीनिया परप्यूरिया 6 दिन में दो बार यह रोग – निरोधी का भी काम करता है ।
  • चेचक – थुजा 30 दिन में तीन बार थुजा 200 पंद्रह दिनों में एक बार चेचक से बचाव करेगा नीले या लाल चिह्नों के लिए एंटीमोनियम टार्ट -6 कपड़े उतारने पर अधिक बुरी स्थिति होने पर पल्सेटिला 6 या 30 ( लक्षणों के अनुसार दिया जाए )

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