कोढ़ ( Leprosy ) का लक्षण एवं दवा

इस रोग में त्वचा पर धब्बे ( सफेद या गुलाबी से ) आ जाते हैं जिनमें धीरे – धीरे संवेदना खत्म हो जाती है , और वह हिस्सा गलने लगता है।

  • सोरिक म्याज़्म से ग्रसित रोगियों की मुख्य औषधि । – सल्फर २०० से CM , आवश्यकतानुसार
  • इस रोग की दूसरी मुख्य दवा । इसमें त्वचा बहुत मोटी हो जाती है व त्वचा से छिछड़े ( scale ) से झड़ते हैं । – हाइड्रोकोटाइल ३० , दिन में ३ बार
  • अन्य दवाओं के साथ सूडो – सोरा से ग्रसित रोगियों को लक्षणों के अनुरूप यह औषधि १५-२० दिन में एक बार दी जा सकती है । – बैसीलिनम २०० या 1M , आवश्यकतानुसार
  • जब नाक से बहुत बदबूदार व सड़ांध वाला नाव निकले और रोगी जिंदगी से निराश हो गया हो । – ऑरम मैट २०० या 1M आवश्यकतानुसार
  • जब अंगुलियां व अंगूठे झड़ जाएं , हरा घाव सा दिखे एवम् उसमें कांटे से चुभे । – आयोडाइड 3X या ६ दिन में ३ बार
  • जब फटी हुई त्वचा में से चिपचिपा स्राव निकले । कब्ज रहे । – ग्रेफाइट्स ३० , दिन में ३ बार
  • संवेदनाहारी कोढ़ के लिए अति उत्तम दवा । – एनाकार्डियम ओक्सी . ३० या २०० , आवश्यकतानुसार
  • कोढ़ के साथ शरीर पर उपदंश ( Syphilis ) के दाने व चकत्ते हों । – सिफिलिनम 1M या 10M , आवश्यकतानुसार

अन्य महत्वपूर्ण दवाएं : पाइपर मैथि . , आर्सेनिक एल्ब , क्रोटेलस हिस . , सीकेल कोर , सीपिया , साइलिशिया , थायरोएडिन , आदि ।.

कोढ़ ( Leprosy ) का लक्षण एवं दवा. मादक द्रव्यों और ख़राब भोजन के दुष्परिणाम ( Bad effects of food & drinks , etc. ) उबासियां या जम्हाई ( Yawning ) का होम्योपैथिक दवा

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