कैंसर का आयुर्वेदिक इलाज एवं कैंसर का घरेलू उपचार इन 2021

कैंसर क्या है ? कैंसर से कितने लोग प्रत्येक साल कितने लोगों की मृत्यु होती है ?

कैंसर बहुत तेजी से बढ़ रहा हैं इस देश में , हर साल बीस लाख लोग कैंसर से मर रहे हैं और हर साल नए केस आ रहे हैं और सभी डॉक्टर हाथ – पैर डाल चुके हैं ।

कैंसर का इलाज कैम्योथैरेपी , रोडियोथैरेपी , कोबाल्ट थैरेपी से संभव है क्या ?

याद रखना कि कैंसर के मरीज को कैंसर से मृत्यु नहीं होती हैं बल्कि जो ईलाज कैंसर के लिए दिया जाता हैं उससे मृत्यु होती हैं । मतलब कैंसर से ज्यादा खतरनाक कैंसर का इलाज हैं । ईलाज कैसा हैं आप सभी जानते हैं … कैम्योथैरेपी , रोडियोथैरेपी , कोबाल्ट थैरेपी । इसमें क्या होता हैं कि शरीर की जो प्रतिरक्षक शक्ति हैं वो बिल्कुल खत्म हो जाती हैं । जब कैम्योथैरेपी दी जाती हैं ये बोल कर कि हम कैंसर के सेल को मारना चाहते हैं तो अच्छे सेल भी उसकी के साथ मर जाते हैं । मतलब क्या हैं ईलाज लेने के बाद जो खर्च आपने कर दिया वो तो मर ही गया और रोगी भी आपके हाथ से गया । डॉक्टर आपको भूल भूलैया में रखता हैं अभी 6 महीने में ठीक हो जायेगा 8 महीने में ठीक हो जायेगा । लेकिन अंत में वो जाता ही हैं । आपके घर परिवार में यदि किसी को कैंसर हो जाये तो ज्यादा खर्चा मत करिए क्योंकि जो खर्च आप करेंगे उससे मरीज का तो भला नहीं होगा बल्कि उसको इतना कष्ट होता हैं कि आप कल्पना नहीं कर सकते । उसको जो इंजैक्शन दिए जाते हैं जो गोली खिलाई जाती हैं उसको जो कैम्योथैरेपी दी जाती हैं उससे सारे बाल उड़ जाते हैं , भौंहों के बाल उड़ जाते हैं , चेहरा इतना डरावना लगता हैं कि पहचान में नही आता ये अपना ही आदमी हैं । इतना कष्ट क्यों दे रहे हो उसको ? सिर्फ इसलिए कि आपको एक अंहकार हैं कि आपके पास बहुत पैसा हैं तो इलाज करा के ही मानेगा ।

कैंसर के लिए क्या करें ?

हल्दी से कैंसर का इलाज:-

हमारे घर में कैंसर के लिए एक बहुत अच्छी दवा हैं , अब डॉक्टरों ने मान लिया हैं पहले तो वे मानते भी नही थे उसका नाम हैं – ” हल्दी ” । हल्दी कैंसर ठीक करने की ताकत रखती हैं , हल्दी में एक कैमिकल हैं सका नाम हैं कर्कुमिन और ये ही कैंसर सेलों को मार सकता हैं , बाकि कोई कैमिकल बना नहीं दुनिया में और ये भी आदमी ने नहीं भगवान ने बनाया हैं ।

हल्दी जैसा ही कर्कुमिन और एक चीज में हैं वो हैं देशी गाय के मूत्र में । गोमूत्र माने देशी गाय के शरीर से निकला हुआ सीधा साधा मूत्र जिसे सुती के आठ परत की कपड़ो से छान कर लिया गया हो । तो देशी गाय का मूत्र अगर आपको मिल जाये और हल्दी आपके पास हो तो आप कैंसर का इलाज आसानी से कर पायेंगे ।

अब देशी गाय का मूत्र आधा कप और आधा चम्मच हल्दी तथा आधा चम्मच पुनर्नवा चूर्ण तीनों को मिला के गर्म करना जिससे उबाल आ जाये फिर उसको ठंडा कर लेना । कमरे के तापमान में आने के बाद रोगी को चाय की तरह पिलाना हैं … चुस्कियां ले ले कर सिप कर करके पीयें , इससे अच्छा नतीजा आयेगा । इस दवामें सिर्फ देशी गाय का मूत्र ही काम में आता हैं , जर्सी का मूत्र कुछ काम नहीं आता । और देशी गाय काले रंग का हो उसका मूत्र सबसे अच्छा परिणाम देता हैं इन सब में । इस दवा को ( देशी गाय की मूत्र , हल्दी , पुनर्नवा ) सही अनुपात में मिला के उबाल के ठंडा करके कांच के पात्र में स्टोर करके रखिए पर बोतल को कभी फ्रिज में मत रखिये , ये दवा कैंसर के सेकंड स्टेज में और कभी – कभी थई स्टेज में भी बहुत अच्छे परिणाम देती हैं । जब स्टेज थर्ड क्रास करके चौथी स्टेज में पहुँच जाये तब परिणाम में सफलता की प्रतिशतता थोड़ी कम हो जाती हैं औरअगर आपने किसी रोगी को कैम्योथैरेपी दे दिया तो फिर इसका कोई असर नहीं आता । कितना भी पिला दो कोई परिणाम नहीं आता । आप यदि किसी रोगी को ये दवा दे रहे हैं तो उससे पूछ लीजिए , जान लीजिए कहीं कैम्योथैरेपी शुरू तो नहीं हो गयी ? अगर शुरू हो गयी हैं तो आप उसमें हाथ मत डालिए , जैसा डॉक्टर करता हैं करने दीजिए , आप भगवान से प्रार्थना कीजिए उसके लिए , इतना ही करे । और अगर कैम्योथैरेपी शुरू नहीं हुई हैं और उसने कई ऐलपैथी ईलाज शुरू नहीं किया तो आप देखेंगे इसके चमत्कारिक परिणाम आते हैं । ये सारी दवाई काम करती हैं शरीर प्रतिकारक शक्ति पर । हमारी जो जीवनी शक्ति हैं उसका सुधार करती हैं । हल्दी को छोड़कर गोमूत्र और पुनर्नवा शरीर की जीवनी शक्ति को ताकतवर बनाती हैं और जीवनी शक्ति के ताकतवर होने के बाद कैंसर के सेलों को खत्म करती हैं ।

कैंसर न हो इसके लिए उपाय :-

ये त बात हुई कैंसर की चिकित्सा की , पर जिन्दगी में कैंसर आए ही ना ये और भी अच्छा हैं । तो जिंदगी में आपको कभी कैंसर ना हो उसके लिए एक बात याद रखिए आप खाना बनाने में जो तेल इस्तेमाल करते हैं वो रिफाइंड तेल या डालड़ा ना हो , ये देख लीजिए दूसरा जो भी खाना खा रहे हैं , उसमें रेशेदार भोजन का हिस्सा ज्यादा हो जैसे –छिलकेवाली दालें , छिलके वाली सब्जियाँ , चावल भी छिलके वाला , अनाज भी छिलके वाला तो आप निश्चित रहें आपक कभी कैंसर नही होगा । और कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से दो तीन कारण हैं रासयनिक खाद और कीटनाशक दवाओं वाला अनाज , तम्बाकू , बीड़ी , सिगरेट , गुटका आदि जैसी चीजों का प्रयोग । कैंसर के बारे में सारी दुनिया एक ही बात कहती हैं चाहे वो डॉक्टर हो विशेषज्ञ हो या वैज्ञानिक हो कि इससे बचाव इसका उपाय हैं ।

महिलाओं के सभी प्रकार के कैंसर का उपचार :-

महिलाओं में आजकल बहुत कैंसर हो रहे हैं गर्भाशय के , स्तन के और ये काफी तेजी से बढ़ रहे हैं । पहले गांठ ( ट्यूमर ) होती है फिर वो कैंसर में बदल जाता हैं । मातां और बहनों को क्या करना हैं कि जिंदगी में कभी ( ट्यूमर ) ही ना आए । आप के लिए सबसे अच्छा बचाव का काम हैं जैसी ही आपके शरीर के किसी भी हिस्से में किसी रसौली या गांठ का पता चलें तो सावधान हो जाइये । हालांकि सभी गांठ या रसौली कैंसर नहीं होती हैं । 2 या 3 प्रतिशत ही कैंसर में बदलती हैं । लेकिन आप के पास इस रसौली या गांठ को ठीक करने की दुनिया की सबसे अच्छी दवा हैं – ” चूना ” । चूना वही जो पान में खाया जाता हैं । पान वाले की दुकान से चूना ले आइये , यह चूना एक गेहूँ के दाने के बराबर प्रतिदिन खाइये , दही में मिला कर , लस्सी में मिला कर , छाछ या मट्ठा में मिला कर , दाल में मिलाकर , सब्जी में मिलाकर या पानी में मिलाकर खा लीजिए । अधिक से अधिक तीन महीने तक । ध्यान रहे पथरी के रोगी चुना नहीं खा सकते ।

कैंसर को दूर करने के कुछ घरेलू नुस्खे:-

  1. तीस तुलसी पत्ते की चटनी बनाकर दे दिन में दो बार ।
  2. कच्ची हल्दी रस सुबह खाली पेट दो चम्मच एक चम्मच शहद के साथ ।
  3. कचनार गुग्गल 1-1 गोली खाने के बाद दो समय।
  4. वृद्धिवादिका वटी 1-1 गोली खाने के बाद दो समय ।

कैंसर

गर्भाशय के कैंसर

स्तन के कैंसर

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