खुजली (Scabies) भगायें होम्योपैथक अपनाएं

यह रोग सारकोप्टिस स्केबिआए ( sarcoptes scabiei ) नामक एक परजीवी के कारण होता है । यह परजीवी त्वचा के अन्दर छिप जाता है । यह रोग संक्रामक रोग है – जहाँ तक हो सके परिवार के एक सदस्य को यह रोग होने पर दूसरे सदस्यों को भी अपना इलाज करा लेना चाहिए । इस रोग में शरीर में खुजली , त्वचा का लाल हो जाना , खुजलाते – खुजलाते खून निकल आना , गर्मी लगना आदि लक्षण होते हैं । बाहरी मल्हम लगा देने पर रोग अंदर दब जाता है और शरीर के किसी और अंग में रोग हो जाता है । इसलिए इस रोग को दबाना नहीं चाहिए । इसे खाने की दवा से ही ठीक करना चाहिए । रोगी के कपड़े २ या ३ दिन खौलते पानी में धोने चाहिये तथा धूप लगानी चाहिए ।

  • जब रोग नहाने – धोने से बढ़े । रोगी गन्दा रहना पसन्द करे । – सल्फर 3X या ६ , दिन में ३ बार
  • खुजली , शरीर में छोटे – छोटे दाने , बेचैनी , ठंड से रोग बढ़े । – रस टॉक्स ६ या ३० , दिन में ३ बार
  • हर समय ख़ारिश हो । ख़ासकर आंखों व कानों के आसपास । – फैगोपाइरम ६ या ३० , दिन में ४ बार
  • जब ख़ारिश के साथ थोड़ा दर्द भी महसूस हो । – सोराइनम २०० , २ या ३ खुराक दें
  • गर्मी से रोग बढ़े , डंक मारने जैसा दर्द , प्यास कम । – एपिस मैल ३० , दिन में ३ बार
  • जननेन्द्रिय की खुजली । – ऐम्बरा ग्रिज़िया ३० , दिन में ३ बार
  • जब खुजली रात में ज्यादा हो । – मर्क सौल ३० , दिन में ३ बार
  • जब खुजली छोटी – छोटी मवाद भरी फुसियों के कारण हो , रोगी ठंडी प्रकृति का हो । – हिपर सल्फ ३० , दिन में ३ बार
  • खुजली इतनी तेज़ हो कि रोगी का हाथ रूके ही नहीं और खुजलाते – खुजलाते खून निकल आए । – मैज़ेरियम ३० , दिन ३ में बार

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सामान्य देख रेख : नीम के पत्ते पानी में उबाल कर नहाना – धोना व नीम का तेल लगाना लाभदायक रहता है । मुंह के छालों के होने का कारण तथा उसका घरेलू उपचारLow blood pressure (कम रक्तचाप) से ना हों परेशान करें होम्योपैथी इलाजबालों का असमय सफेद होने का होम्योपैथिक उपचार

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