कर्मफल का सिद्धांत । क्या कर्मफल भोगने पड़ते हैं ।

कर्मफल क्या है ? क्या कर्मफल अवश्य भोगने पड़ते हैं ?

जो शुभ – अशुभ , पुण्य अथवा पाप जीव करता है , उसके उन कर्मों के अनुसार उसे ‘ फल ‘ की प्राप्ति होती है । कितने लोग कहते हैं कि अमुक व्यक्ति ने कभी पाप नहीं किया फिर भी बेचारा दरिद्री और अभावों में जी रहा है । शायद उसके भाग्य में दुख ही लिखे हैं और अमुक दूसरों को सताता है , मारता पीटता है , दूसरों का धन हड़प लेता है , तब भी वह सुखी है । झूठ – ठगी , बेईमानी पिछले जन्मों का कर्मफल हैं । पूर्व जन्म में जिसने जैसा भी कर्म किया होगा उसका फल उसे इस जन्म में मिल रहा है और इस जन्म के कर्मों का फल अगले जन्म में भोगना होगा ।

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