कब्ज़ ( Constipation ) का होम्योपैथिक दवाएं

कब्ज किसे कहते हैं?

मल साफ़ न आने को कब्ज़ कहते हैं ।

कब्ज होने के क्या लक्षण हैं ?

लक्षण : पाख़ाने की हाज़त ही नहीं होती या रोगी कई बार थोड़ा – थोड़ा पाख़ाना करता । पाख़ाना साफ़ नहीं होता ।

कब्ज होने के क्या कारण है ?

कारण : मानसिक उत्तेजना , नियमित रूप से परिश्रम न करना , ठीक से भोजन न करना , जिगर के रोग , आदि , कारणों से कब्ज हो सकता है ।

कब्ज का होम्योपैथक दवा कौन है ?

  • साधारण कब्ज़ में । ख़ासकर जो लोग सारा दिन बैठकर मानसिक कार्य करते है । :- नक्स वोमिका ३० या २०० , सोते समय आवश्यकतानुसार
  • जब मल बहुत कड़ा गांठों के रूप में , बकरी की मेंगनी की तरह हो । शौच जाने की इच्छा न हो । मलाशय की निष्क्रियता के कारण पतला मल भी कठिनाई से निकले । :- एल्यूमिना LM ३ या ३० , दिन में ३ बार
  • मल बहुत कड़ा व बड़े बड़े लैंड के रूप में निकलता हो और आँव लिपटा हो । गर्म दूध पीने से आराम आए । :- ग्रेफाइट्स ३० , दिन में ३ बार
  • बार – बार पाख़ाना जाने की इच्छा पर पाखाना होता नहीं , मल सूखा व कड़ा । बैठे रहने की अपेक्षा खड़े होने पर सहज ही में पाख़ाना हो । :- कॉस्टिकम ३० , दिन में ३ बार
  • जब कब्ज़ की वजह से पेट अंदर को धंसता सा महशुस हो । :- हाइड्रस्टिस Q या ३० , दिन में ३ बार
  • जब मलद्वार में डाट सी लगी हुई अनुभव हो । मल कड़ा , छोटा – छोटा , अधूरा ही बड़ी मुश्किल से निकले । :- लाइकोपोडियम ३० , दिन में ३ बार
  • जब आंतें काम न करती हों । मल खुश्क , कड़ा , और लंबे सुद्दे । अंतड़ियों में स्राव की कमी , तेज़ प्यास । जीभ पर लेप चढ़ा हो । आमाशय विकार के कारण सिर दर्द । :- ब्रायोनिया ३० , दिन में ३ बार
  • जब मल छोटी – छोटी गोलियों की तरह हो , शौच जाने की हाजत बिल्कुल न हो । कई कई दिन तक पाख़ाना न होने पर भी कष्ट नहीं होता । :- ओपियम ३० , दिन में ३ बार
  • पुराने कब्ज़ की मुख्य दवा । हाजत होती है पर पाख़ाना बड़ी मुश्किल से होता है । जब कब्ज़ पेट दर्द के साथ हो , ऐसा लगे मानो पेट की अंदरूनी भित्ती ( wall ) रीढ़ के साथ किसी डोरी के द्वारा खींच ली है । :– प्लम्बम मैट ३० , दिन में ३ बार
  • SBL Biocombination 4 (BC4) tablets for Constipation
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कब्ज के समान्य देख – रेख क्या है ?

सामान्य देख रेख : पानी बहुत मात्रा में पीयें , हल्का सादा भोजन करें , हरी सब्जियां , सलाद व फल प्रचुर मात्रा में खाएं , तली हुई व महीन चीज़ों ( मैदा से बने खाद्य पदार्थ जैसे ब्रैड , केक , पेस्ट्री , बिस्किट , आदि ) का सेवन बिल्कुल न करें । इसबगोल के सेवन से फायदा होता है !

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