निगलने में कठिनाई ( OESOPHAGITIS ) के लक्षण तथा इलाज

इस रोग के इसोफेगस में दर्दयुक्त सूजन हो जाने से खाया हुआ आहार व पानी नाक द्वारा वापस बाहर आ जाता है

इसोफेजाइटिस ( OESOPHAGITIS ) किसके कारण होता है ?

  • जलन पैदा करने वाले ( irritant ) केमिकल्स खा जाने से ।
  • Physical agents – स्टोमक ट्युब , प्रोबेंग , बोन , रबर बॉल , सुई जैसी चीजों से इसोफेगस को चोट लगने के कारण ।
  • अधिक ठंडा या अधिक गर्म आहार ।
  • वाइरल रोग – एफ.एम.डी. , रिंडरपेस्ट ।
  • स्टोमेटाइटिस , फेरिंजाइटिस के कारण भी ।

इसोफेजाइटिस ( OESOPHAGITIS ) का क्या लक्षण होता है ?

  • पशु को खाना निगलने में दर्द व मुश्किल होती है इसलिए बार – बार निगलने की कोशिश करता है । काफी लार गिरती है ।
  • एक्यूट – एकाएक सूजन से टेम्प्रेचर बढ़ जाता है ।
  • खाया हुआ आहार रूमन से वापस नाक द्वारा बाहर आता है जिसमें ब्लड व म्युकस मिला होता है । पशु को बार – बार खांसी भी होती है ।
  • साधारण इसोफेजाइटिस एक सप्ताह में ठीक हो जाती है यदि रोग गम्भीर हो जाए या इसोफेगस में छेद ( performation ) हो जाने पर मौत हो सकती है ।

Pathogenasis Inflammation → 1 tone of esophageal muscle → oedema → stenosis → performation pleurisy → septicaemia → DEATH

इसोफेजाइटिस ( OESOPHAGITIS ) का DIAGNOSIS रोग निर्णय कैसे करें ?

  • इस रोग का तुलनात्मक डायग्नोसिस करें क्योंकि इसोफेजाइटिस व फेरिंजाइटिस के काफी लक्षण समान होते हैं ।
  • Pharyngitis – इसमें पशु को खांसी ( coughing ) नहीं होती है ।
  • Desophagitis – बार – बार तेज खांसी ( frequent coughing )

निगलने में कठिनाई( OESOPHAGITIS ) का इलाज ( TREATMENT ) क्या है ?

  • पशु को चारा – पानी दो दिन के लिए बिल्कुल बंद करें और फ्लूड थैरेपी दें ।
  • सूजन कम करने के लिए Antibiotic and anti – inflammatory .
  • संभव हो तो टेट्रासाइक्लिन पाउडर मुंह से दें ताकि इसोफेगस पर लोकल असर भी हो सके ।
  • यदि पशु एंटीबायोटिक पाउडर नहीं निगल सकें तो इंजेक्शन लगाएं ।
  • Analgesics – दर्द कम करने के लिए ।
  • Antibiotic , Antiinflammatory , Analgesics , Fluid therapy .
  • Ringer lactale solution – 12 ml / lb b.w. , I / V
  • . 5 % Dextrose saline solu . – 12 ml / lb b.w . I / V . ( 1 pound ( 1b ) = 454 gm .

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