आँखों के रोग , आँख दुखना , आँखों की सूजन एवं जलन का कारण एवं उपचार ।

आँखों के रोग , आँख दुखना , आँखों की सूजन एवं जलन का कारण क्या है ।

अधिक ठंड , अधिक गर्मी , या आँखों में धूल जाने से या आँखों में किसी संक्रामक बीमारी के कारण दर्द होना शुरू हो जाता है और आँखें आ जाती हैं । इस कारण आँखों से पानी निकलता है और आँखें लाल हो जाती है । आँखों में से कीचड़ निकलना शुरू हो जाता है ।

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आँखों के रोग , आँख दुखना , आँखों की सूजन एवं जलन का घरेलू उपचार :-

  1. तोला हल्दी को 1 पाव पानी में औटाकर कपड़छन कर लें तथा ठंडा होने पर 1-1 बूंद आँखों में डालें इसी तरह हल्दी की गांठ को पत्थर पर पानी के साथ घिसें और सलाई से आँखों में लगायें । दर्द और सुजन में आराम मिलेगा ।
  2. सफेद प्याज का रस आँखों में लगाने से दर्द में कमी होती है ।
  3. त्रिफला चूर्ण , घी और शहद मिलाकर खाने से आँखों की बीमारी दूर होती है ।
  4. देशी गाय का घी आँख में लगाने से जलन दूर होती है ।
  5. हल्दी फिटकरी और इमली के पत्तों को बराबर मात्रा में लेकर पीसें और उसकी पुल्टिस से आँखों की सेंक करें ।
  6. गुलाब जल में फुली फिटकरी डालकर आँखों को धोने से जलन एवं सूजन समाप्त होती है । केवल गुलाब जल डालने से भी आँखों में राहत मिलती है ।
  7. शुद्ध देशी गाय के घी में थोडी सी काली मिर्च मिलाकर सुबह – शाम सेवन करें ।
  8. बथुए के रस को 1-1 बूंद करके आँखों में डालें ।
  9. 100 ग्राम गुलाब जल , 2 ग्राम फुली फिटकरी तथा रत्ती भर काली मिर्च का पेस्ट बनायें तथा आँखों में लगायें ।
  10. तुलसी के पत्तों का रस भी आखों में डालने से लाभ होता है । इसी प्रकार बेल की पत्तियों का रस भी लाभप्रद है ।
  11. त्रिफला चूर्ण का सेवन शहद के साथ करेंतथा रात में भिगोये हुये त्रिफला के पानी से आँखे धोये । काफी आराम मिलेगा ।
  12. गुलाब जल , ताजे खीरे का रस और थोड़ा सा ठंडा दूध मिलाकर इसमें रूई के फोहो को भिगोकर पलकों के ऊपर रखें ।
  13. आँखों में अनार का रस डालने से भी काफी लाभ होता है ।

आँखों के रोग , आँख दुखना , आँखों की सूजन एवं जलन का आयुर्वेदिक उपचार :-

  • अडूसा के ताजा पुष्पों को गर्म कर आंख पर बांधने से आंख के गोल की पित्त शोथ मिटती है ।
  • अडूसा के पत्तों को पीस टिकिया बना बांधने से नेत्र पीड़ा मिटती है ।
  • इमली के पुष्पों की पुल्टिश बांधने से आंख की सूजन मिटती है ।
  • कांदे का रख नेत्र में लगाने से नेत्र पीड़ा मिटती है तथा कांदे का रस शहद में मिलाकर अंजन करने से भी नेत्र पीड़ा शान्त होती है ।
  • नीम के पत्तों को सम्पुट में रख कपड़ मिट्टी लगा कर अग्नि में रख देवे जब उनकी भस्म हो जाय तब निकाल कर उस भस्म को नीबू के रस में खरल कर नेत्रॉऽजन करने से नेत्रों की खुजली तथा जलनादि रोग नाश होते हैं ।
  • नेत्र पीड़ा मिटाने के लिए नीम की कोमल कोपलों का रस निकाल कुछ निवाया कर जिन आआँख में पीड़ा हो उसके दूसरी ओर कोन में डाले ।
  • हरी दूब के रस का लेप करने से आँख का दुखना और गीड़ आना बन्द होता है ।
  • सप्ताह में एक वार काले तिलों का उबटन शरीर में मलने से आंवला का उबटन मलने से और कान में तेल डालने से ज्योति बढ़ती है ।
  • भोजन करने के पश्चात अपने दोनों हाथों को नेत्रों पर फेरने से नेत्रों की ज्योति बढ़ती है ।
  • अदरख के रस की दो तीन बूद आँख में टपकाने से आँख की पीड़ा नाश होती है ।
  • पान के रस का अंजन करने से रतौंधी तथा आँख के सफेद भाग के रोग मिटने है ।
  • शहद सलाई से रोजाना आंख में लगाने से मोतिया रुक सकता है ।
  • फिटकरी भस्म 5 ग्राम , गुलाबजल 50 ग्राम में मिला लें । , रोजाना सुबह और रात 2-2 बूंद आंखों में डालें । मोतिया नहीं रहेगा , अगर है तो बढ़ेगा नहीं , नजर कम नहीं होगी दुखती आंख में ना डालें ।

आंखों के लिए योग :-

1. सर्वांगासन 2. शीर्षासन 3. भुजंगासन 4.चक्रासन ।

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